इन जगहों पर एनएचआईडीसीएल (राष्ट्रीय राजमार्ग एवं ढांचागत विकास) की ओर से कुल आठ जगहों पर डंपिंग जोन बनाए और मलबे का निस्तारण किया गया। मगर अब स्थिति यह है कि आठ में से पांच पुरसाड़ी, छिनका, कौडिया, क्षेत्रपाल, पागलनाला में बनाए गए डंपिंग जोन फुल हो गए हैं।
ऐसे में पांचों जगहों पर मलबे का निस्तारण रुक गया है। वहीं एनएचआईडीसीएल के महाप्रबंधक सुशील वर्मा का कहना है कि वन विभाग की ओर से डंपिंग जोन के लिए जगह चिह्नित की जा रही है। हमें आगामी दस दिनों में डंपिंग जोन मिल जाएंगे। इस पर तेजी से काम किया जा रहा है।