इसके अलावा ज्योतिर्मठ पीठ के ब्रह्मलीन शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती महाराज की ओर से वर्ष 2010 में बीकेटीसी को एक टेंपो ट्रेवलर दान में दिया गया था। इसका उद्देश्य असहाय, दिव्यांग और वृद्ध श्रद्धालुओं को बदरीनाथ बस अड्डे से मंदिर के समीप तक पहुंचाने की सुविधा उपलब्ध कराना था ताकि उन्हें पैदल चलने में होने वाली कठिनाइयों से राहत मिल सके।
विश्वस्त सूत्रों का आरोप है कि टेंपो ट्रेवलर का लंबे समय से निजी और प्रशासनिक कार्यों में उपयोग किया जाता रहा है। बीते जून माह में अधिकारियों और कर्मचारियों के आवागमन के लिए इसे बदरीनाथ से देहरादून ले जाया गया। अब यह वाहन वहां भी मौजूद नहीं है।
इस पूरे मामले में बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) सोहन सिंह रांगड़ ने कहा कि उन्हें दान में मिली एंबुलेंसों की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि मामले की जानकारी जुटाई जाएगी। टेंपो ट्रेवलर के मामले में उन्होंने बताया कि तकनीकी खराबी आने से उसे देहरादून ले जाया गया था। अभी वो कहां है, उसे दिखवाया जाएगा।