माणा गांव के होमस्टे और होटलों में मई की फुल बुकिंग
माणा गांव के ग्राम प्रधान पीतांबर मोल्फा ने बताया कि पुष्कर कुंभ के आयोजन को लेकर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की ओर से माणा गांव में होम स्टे और होटलों में मई माह की एडवांस बुकिंग हो चुकी है। श्रद्धालुओं की ओर से माणा गांव में भंडारा आयोजन की बुकिंग भी मिल रही है।
2013 में आपदा से एक दिन पहले निपट गया था कुंभ
वर्ष 2013 में केदारनाथ आपदा से एक दिन पहले माणा गांव में पुष्कर कुंभ का समापन हो गया था। हालांकि भारी बारिश के बीच ही श्रद्धालु गंतव्य को लौटे थे। ग्राम प्रधान पीतांबर मोल्फा ने बताया कि वर्ष 2013 में एक से 15 जून तक पुष्कर कुंभ हुआ था। तब यहां हजारों श्रद्धालु पहुंचे थे। इस वर्ष कुंभ का आयोजन मई माह में होगा।
मिथुन राशि का बृहस्पति में प्रवेश होने पर बनता है पुष्कर कुंभ का संयोग
बदरीनाथ के पूर्व धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल ने बताया कि दक्षिण भारत की परंपरा के तहत बृहस्पति जब भी राशि परिवर्तित करता है तब कुंभ का आयोजन होता है। प्रतिवर्ष अलग-अगल नदियों में कुंभ का आयोजन किया जाता है। प्रत्येक 12 वर्षों में बृहस्पति मिथुन राशि में प्रवेश करता है तो माणा गांव में स्थित सरस्वती नदी के संगम पर पुष्कर कुंभ का आयोजन होता है। दक्षिण भारत में अधिकांश वैष्णव समुदाय के लोग रहते हैं। वे विष्णु भगवान को मानते हैं। इसी कारण पुष्कर कुंभ का आयोजन बदरीकाश्रम क्षेत्र में होता है।