वहीं, बदरीनाथ धाम में अलकनंदा नदी किनारे बने घाटों में सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। अमर उजाला ने हाल ही में इस खबर को प्रमुखता से उठाया था। श्रद्धालु अक्सर नदी किनारे नहाने जाते हैं। ऐसे में घाटों पर हर समय हादसे का अंदेशा बना रहता है। प्रशासन ने इस ओर अभी तक कोई ध्यान नहीं दिया है।
चारधाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत के महासचिव डॉ. बृजेश सती का कहना है कि उन्होंने कई बार मुख्यमंत्री से लेकर जिलाधिकारी को इस समस्या से अवगत कराया है, लेकिन इसे गंभीरता से नहीं लिया गया। यदि जल्द इस पर कोई उचित कदम नहीं उठाए गए, तो वे आंदोलन करेंगे।