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Badrinath: धाम में अब भागवत कथा के लिए लेनी होगी अनुमति, क्षेत्र में मांस लाने पर प्रतिबंध, ये नए नियम लागू

Thu, 02 Apr 2026 10:15 AM IST
Renu Saklani प्रमोद सेमवाल, संवाद न्यूज एजेंसी, (चमोली)।

सार

बदरीनाथ धाम में अब नए नियम लागू होंगे। भागवत कथा या किसी भी तरह के धार्मिक आयोजन के लिए पहले अनुमति लेनी होगी। नगर पंचायत ने तीन बॉयलॉज बनाए हैं, जिनका उल्लंघन करने पर जुर्माना लगेगा।

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बदरीनाथ धाम - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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बदरीनाथ धाम में अब नगर पंचायत की अनुमति के बिना भागवत कथा, भंडारा व अन्य विशेष कार्यक्रम आयोजित नहीं हो सकेंगे। इसके लिए पंचायत से ऑनलाइन या ऑफलाइन अनुमति लेनी जरूरी होगी। बिना अनुमति के धार्मिक कार्यक्रम करने पर 50 हजार रुपये तक जुर्माना लिया जाएगा।

इसके अलावा बदरीनाथ क्षेत्र में यदि कोई मांस लाता है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी और जुर्माना लगेगा। बदरीनाथ क्षेत्र में झुग्गी झोपड़ी भी बिना अनुमति के नहीं बनाई जाएंगी। पंंचायत की ओर से इसके लिए तीन बायलॉज (उप विधि) बनाए गए हैं। जिन्हें आपत्तियों व सुझाव के उपरांत गजट नोटिफिकेशन के लिए रुड़की भेज दिया गया है।

यूजर चार्ज की भी की गई व्यवस्था

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हर साल बदरीनाथ धाम की यात्रा के दौरान तीर्थयात्री भागवत कथा और भंडारों का आयोजन करवाते हैं। कुछ अनुमति लेते थे बाकी बिना अनुमति के आयोजन करवाते थे। अब नगर पंचायत ने इसके लिए तीन बॉयलॉज बनाए हैं। इसके तहत मांसाहार परिवहन एवं उपयोग प्रतिबंध उपविधि 2026, झोपड़ी, अस्थाई आवास नियंत्रण एवं स्वच्छता उपविधि और भंडारा, भागवत एवं विशेष कार्यक्रम नियंत्रण उपविधि बनाई गई है। इसके साथ ही व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए अनुमति के साथ यूजर चार्ज की भी व्यवस्था की गई है।

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ज्योतिर्मठ के उपजिलाधिकारी चंद्रशेखर वशिष्ठ ने बताया कि गजट नोटिफिकेशन होने के बाद उपविधि लागू कर दी जाएंगी। नगर पंचायत बदरीनाथ के ईओ सुनील पुरोहित ने बताया कि बदरीनाथ क्षेत्र में बीते वर्षों में कुछ मजदूर मांस के साथ पकड़े गए थे। अब इस पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा क्षेत्र में झुग्गी, झोपड़ी बनाने से पहले नगर पंचायत की अनुमति लेनी जरूरी होगी। इनमें नियमित तरीके से शौचालयों का निर्माण किया जाना भी जरूरी होगा।

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