संभागीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) कार्यालय में तैनात सभी अफसरों, कर्मियों को अब 10 बजे सुबह से लेकर शाम पांच बजे के बीच दफ्तर से बाहर जाने के लिए न सिर्फ अनुमति लेनी होगी, वरन मूवमेंट रजिस्टर में जानकारी अंकित करनी होगी। इतना ही नहीं आकस्मिक अवकाश को लेकर भी नए प्रावधान लागू किए गए हैं।
आरटीओ के आदेश के मुताबिक, आकस्मिक अवकाश के लिए भी लिखित जानकारी देने के साथ ही मोबाइल से भी जानकारी देनी होगी। आकस्मिक अवकाश को अब बायोमीट्रिक सिस्टम से भी जोड़ा जा रहा है। साथ ही अधिकारी और कर्मचारी सुबह 10 बजे कार्यालय पहुंचना सुनिश्चित करें। निर्धारित समय के बाद पहुंचने वालोें को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। आरटीओ डीसी पठोई की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए।
कई माह पूर्व सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कार्यालय का निरीक्षण किया था। इस दौरान आरटीओ डीसी पठोई समेत कई अधिकारी, कर्मचारी गैरहाजिर मिले थेे। बाद में की गई जांच में पता चला कि पठोई गाड़ियों की नीलामी को लेकर विकासनगर गए थे। निरीक्षण के बाद सीएम ने ऑरटीओ को निलंबित करने के साथ ही मुख्यालय से संबद्ध कर दिया था। हालांकि, बाद में आरटीओ निर्दोष साबित हुए थे। इसके बाद सीएम ने उन्हें आरटीओ के पद पर बहाल करने के आदेश जारी कर दिए थे, लेकिन नए सिरे से कार्यभार संभालने के बाद आरटीओ की ओर से दफ्तर की कार्यशैली में बदलाव लाने को लेकर कई कदम उठाए गए हैं।