भले ही इस बार सीबीएसई की बोर्ड परीक्षा में अटल उत्कृष्ट विद्यालयों के पासिंग प्रतिशत में बीते साल की तुलना में सुधार हुआ है, लेकिन बोर्ड से संबद्ध अन्य विद्यालयों से पिछड़ गए। इस बार बीते साल की तुलना में 10वीं का पासिंग प्रतिशत 10.74 फीसदी और 12वीं का 19.7 फीसदी ज्यादा रहा। साथ ही 187 विद्यालयों में से 18 विद्यालयों का पासिंग प्रतिशत 100 फीसदी रहा।
सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च कर बीते साल से अटल उत्कृष्ट विद्यालयों में सीबीएसई पैटर्न में गुणवत्तायुक्त शिक्षा का सपना देखा था। पहली बोर्ड परीक्षा में खराब हुए रिजल्ट ने सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता की पोल खोल दी थी। हालत यह थी कि 10वीं में इन विद्यालयों का रिजल्ट 60.49 फीसदी रहा था। जबकि 12वीं में महज 51.49 फीसदी ही बच्चे पास हुए थे। लेकिन इस बार 187 अटल उत्कृष्ट विद्यालयों के रिजल्ट में सुधार आया है। आंकड़ों पर नजर डालें तो 12वीं का पासिंग प्रतिशत 71.19 फीसदी और 10वीं का पासिंग प्रतिशत 71.23 फीसदी रहा।
12वीं में केवी तो 10वीं में नवोदय विद्यालय रहे आगे
इस बार भी बोर्ड परीक्षा में केंद्रीय विद्यालय और राजीव गांधी जवाहर नवोदय विद्यालय के बच्चे आगे रहे। 12वीं में केंद्रीय विद्यालय का पासिंग प्रतिशत सबसे अधिक 99.56 फीसदी रहा। जबकि 10वीं में नवोदय विद्यालय के सबसे अधिक 99.53 फीसदी बच्चे पास हुए। हालांकि, इसमें भी केवी का पासिंग प्रतिशत 99.53 फीसदी रहा।
प्राइवेट छात्रों का प्रदर्शन रहा खराब
सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में प्राइवेट छात्रों का प्रदर्शन खराब रहा। आलम यह रहा कि 10वीं में प्राइवेट छात्रों का पासिंग प्रतिशत 50 फीसदी से कम रहा। महज 49.70 ही प्राइवेट छात्र पास हो सके। जबकि 12वीं में 56.70 फीसदी रहा।