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दस हजार की रिश्वत लेते सहायक कोषाधिकारी रंगेहाथ गिरफ्तार, महिला से मांगी थी रिश्वत 

Thu, 04 Jul 2019 10:45 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटद्वार
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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मृतक पति के पुनरीक्षित पेंशन के एरियर के भुगतान के एवज में मंगलवार को दस हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए कोटद्वार ट्रेजरी के सहायक कोषाधिकारी को विजिलेंस विभाग देहरादून की टीम ने रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। टीम आरोपी सहायक कोषाधिकारी को अपने साथ देहरादून ले गई है। विजीलेंस की कार्रवाई से कोटद्वार कोषागार में हड़कंप मचा है।

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कोषाधिकारी ऋचांशु शर्मा ने मामले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि विजिलेंस विभाग देहरादून की छह से सात सदस्यीय टीम मंगलवार दोपहर को दिन में कोटद्वार कोषागार भवन पहुंची थी। विजीलेंस अधिकारियों के अनुसार एक महिला ने विभाग को शिकायती पत्र भेजकर बताया था कि उनके पति जीआईसी डाबरी में प्रधानाचार्य के पद पर कार्यरत थे। उनका वर्ष 2007 में ड्यूटी के दौरान निधन हो गया था।

उनके पति का छठे वेतनमान में पे-फिक्सेशन गलत हुआ था। विभाग से पत्राचार के बाद पुनरीक्षित पेंशन के एरियर के रूप में 3,73,865 रुपये भुगतान होना था। 28 फरवरी, 2019 को विभाग ने एरियर मंजूर कर वरिष्ठ कोषाधिकारी कोटद्वार को भेज दिया था। भुगतान के एवज में सहायक कोषाधिकारी कोटद्वार बीर सिंह रावत पुत्र स्व. नैन सिंह रावत निवासी मानपुर कोटद्वार ने महिला से दस हजार रुपये रिश्वत की मांग की।
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आरोपी सहायक कोषाधिकारी ने महिला को दस हजार रुपये लेकर मंगलवार को अपने कार्यालय में बुलाया था। पीड़ित महिला की शिकायत पर विजिलेंस की ट्रैप टीम ने गोपनीय जांच में आरोपों को सही पाया और योजना के अनुसार टीम ने सहायक कोषाधिकारी बीर सिंह रावत को मंगलवार दोपहर पौने तीन बजे महिला से रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। ट्रैप टीम आरोपी सहायक कोषाधिकारी को अपने साथ देहरादून ले गई है। 

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