चकराता के ऐतिहासिक दो चर्च बनेंगे धरोहर
चकराता के दो चर्च जल्द ही भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की धरोहर सूची में शामिल हो सकते हैं। एएसआई ने इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है। ये दोनों चर्च स्कॉटिश व एंगलिक हैं, जिनकी इमारत ब्रिटिश काल की रोमन शैली में बनी हुई है। दरअसल, चकराता ऐतिहासिक महत्व का शहर है। यहां चकराता छावनी की स्थापना 1869 में ब्रिटिश सेना के कर्नल ह्यूम ने की थी। उसी दौरान यहां रोमन शैली के स्कॉटिश चर्च और बाद में एंग्लो इंडियन के लिए एंगलिक चर्च की स्थापना की गई थी।
करीब 10 साल पहले एएसआई ने इनके सर्वेक्षण की कवायद शुरू की थी जो परवान नहीं चढ़ पाई। अब एएसआई नए सिरे से इन दोनों चर्चों के संरक्षण की प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है। इसके लिए चर्चों के दस्तावेज तलाशे जा रहे हैं।
अधीक्षण पुरातत्वविद् मनोज कुमार सक्सेना ने बताया कि दोनों चर्चों के संरक्षण के लिए प्रक्रिया शुरू कर रहे हैं। इसके लिए जल्द ही देहरादून की डीएम के साथ भी बैठक की जाएगी और चर्चों की जमीनों के दस्तावेज लिए जाएंगे। इसके बाद इसकी अधिसूचना जारी होगी और आपत्तियां व सुझाव मांगे जाएंगे। फिर उनका निस्तारण करने के बाद अंतिम अधिसूचना जारी हो जाएगी। माना जा रहा है कि सालभर के भीतर ये दोनों चर्च एएसआई के संरक्षण में आ जाएंगे।