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Dehradun News: आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने किया विधानसभा कूच, पुलिस-प्रदर्शनकारियों के बीच बहस

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I-वेतनवृद्धि व नियमतिकरण की उठी मांग, कहा, जल्द हो राज्य आंदोलनकारियों का चिह्नीकरण
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I-मांगें पूरी न होने पर भाजपा को चुनाव में सिखाएंगे सबकI



आशा, आंगनबाड़ी व भोजन माताओं ने विभिन्न मांगों को लेकर विधानसभा कूच किया। आंदोलनकारियों को रोकने के लिए प्रशासन ने पुख्ता बंदोबस्त किया। सड़क पर बैठकर संगठन के कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ खूब नारेबाजी की। वहीं संगठनों की ओर से भी राज्य आंदोलनकारियों के जल्द चिह्नीकरण की मांग की गई। इसके अलावा मांगें पूरी न होने पर आगामी चुनावी में भाजपा को सबक सिखाने का ऐलान किया।



सोमवार को विधानसभा का बजट सत्र शुरू हुआ। धर्मपुर रोड पर सीटू से संबद्ध आंगनबाड़ी, आशा और भोजन माताओं की भीड़ सुबह से जुटनी शुरू हो गई। हजारों की संख्या में पहुंचे संगठन के कार्यकर्ताओं ने विधानसभा का घेराव करने का प्रयास किया। हालांकि पुलिस प्रशासन के सख्त व्यवस्था ने उन्हें विधानसभा का घेराव करने से पहले ही रोक लिया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को रोके जाने पर संगठन पदाधिकारियों की पुलिस अधिकारियों के साथ तीखी बहस हुई। कार्यकर्ताओं की बढ़ती भीड़ के आगे कई बार पुलिस भी बेबस नजर आई। कार्यकर्ताओं व पुलिस के बीच हल्की धक्का-मुक्की भी हुई। संगठन पदाधिकारी पुलिस से बेरिकेटिंग हटाने की मांग पर अड़े रहें। लेकिन पुलिस ने किसी को भी बेरिकेटिंग से आगे नहीं जाने दिया। वहीं आला अधिकारियों के ज्ञापन को सरकार को सौंपे जाने के आश्वासन पर लोग शांत हुए।
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Iसरकार कर रही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ वादाखिलाफीI



सीटू के जिला महामंत्री लेखराज ने कहा कि संगठन की ओर से काफी समय से आशा, आंगनबाड़ी व भोजन माताओं के वेतनवृद्धि और नियमतिकरण की मांग की जा रही है। लेकिन सरकार इस पर गंभीरता नहीं बरत रही। जबकि चुनाव के समय सरकार की ओर से आश्वासन दिया गया था कि उनकी मांगें पूरी की जाएंगी। प्रांतीय अध्यक्ष राजेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि धामी सरकार यदि मांगें पूरी नहीं करेगी तो आगामी लोस चुनावों में इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। आंगनबाड़ी प्रांतीय महामंत्री चित्रकला व आशा स्वास्थ्य कार्यकर्ता यूनियन की प्रांतीय अध्यक्ष शिवा दुबे ने कहा कि हक के लिए हम संघर्ष करते रहेंगे। भोजन माता कामगार यूनियन की प्रांतीय अध्यक्ष रोशनी बिष्ट ने कहा, भोजन माता को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का दर्जा, 26 हजार रुपये न्यूनतम वेतनमान, ईएसआई, 12 माह वेतन और रिटायर्ड होने के बाद ग्रेज्युटी व पेंशन का लाभ दिया जाए। इस दौरान सुनीता चौहान, लक्ष्मी पंत, रेखा नेगी और रजनी गुलेरिया आदि शामिल थे।

Iसशक्त भू-कानून और आंदोलनकारियों के चिह्नीकरण की उठी मांगI

उत्तराखंड आंदोलनकारी संयुक्त परिषद की ओर से विरोध प्रदर्शन किया गया। संस्था के पदाधिकारियों ने कहा कि राज्य में सशक्त भू-कानून से बेलगाम भूमाफिया पर अंकुश लग सकता है। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों के लिए 10 फीसदी क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था जल्द हो। साथ ही आंदोलनकारियों को न्यूनतम पेंशन 15 हजार के साथ ही पेंशन पट्टा भी दिया जाए। इस दौरान जबरसिंह, आजम, जगमोहन रावत, राहुल सैनी, कल्पेश्वरी नेगी और चिंतन सकलानी आदि मौजूद रहे।
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Iचप्पे-चप्पे पर पुलिस बल रहा तैनातI



विधानसभा सत्र शुरू होने और संगठनों के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस बल अर्लट मोड पर रहा। विधानसभा की ओर जाने वाले मार्ग पर कदम-कदम व चौक-चौराहों पर पुलिस बल मुस्तैदी से तैनात रहा। हरिद्वार रोड पर जगह-जगह बेरिकेटिंग लगाकर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोके रखा। वहीं पहले से ही रूट डायवर्ट किए जाने से सड़क पर जाम की स्थिति नहीं रही। विरोध प्रदर्शन के बावजूद आवागमन जारी रही।
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