वीआईपी के मामले में एसआईटी के हाथ खाली
सभी को इस बात के खुलासे का इंतजार है कि अंकिता पर किस वीआईपी को अतिरिक्त सेवा देने का दबाव बनाया जा रहा है। लेकिन इस मामले में अब तक भी एसआईटी के हाथ कोई अहम सुराग नहीं लग पाया है। आरोपी भी तीन दिन की रिमांड दौरान मामले में किसी वीआईपी की संलिप्तता से इंकार करते रहे। लेकिन इसके एसआईटी वीआईपी को बेनकाब करने के लिए साइबर सेल और एफएसटी की मदद से आरोपियों के मोबाइल की सीडीआर को खंगाल रही है।
तीसरी आंख से खुल सकता है वीआईपी का राज
एसआईटी ने बैराज, चीला, चंडीघाट, एम्स रोड समेत विभिन्न स्थानों से सीसीटीवी कैमरों की फुटेज एकत्र की है। इन सभी फुटेज की बारीकी से जांच की जा रही है। हरिद्वार और ऋषिकेश की ओर से वीआईपी वनंत्रा रिजॉर्ट पहुंचा होगा। ऐसे में एसआईटी दोनों मार्गों के पर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई लग्जरी कार खासकर काली कारों की पहचान कर रही है। हालांकि यह काम काफी जटिल है। लेकिन वीआईपी की भूमिका की जांच को लेकर एसआईटी कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती है।
मामले की जांच अंतिम चरण में है। जांच के हर पहलू को रिपोर्ट में शामिल किया जा रहा है। बहुत जल्द चार्जशीट दाखिल की जाएगी। तीनों आरोपियों के मोबाइल नंबर की सीडीआर रिपोर्ट के आधार पर लोगों से पूछताछ भी की गई।
रेखा यादव, एएसपी हरिद्वार, सदस्य एसआईटी