एसआईटी प्रभारी ने की साक्ष्यों और दस्तावेजों की जांच
अंकिता हत्याकांड की जांच के लिए एसआईटी प्रभारी और डीआईजी पी. रेणुका लक्ष्मणझूला थाने पहुंची। उन्होंने घटनास्थल और वनंत्रा रिजॉर्ट से मिले साक्ष्यों और दस्तावेजों की बारीकी से जांच की। वहीं विवेचना अधिकारी से कार्रवाई की पूरी जानकारी ली। टीम के रिजॉर्ट में आने की सूचना थी, लेकिन टीम शाम तक रिजॉर्ट नहीं पहुंची।
एसआईटी ने अंकिता की हत्या के मामले की जांच तेज कर दी है। सोमवार को सुबह करीब 11.30 पर एसआईटी प्रभारी और डीआईजी पी. रेणुका लक्ष्मणझूला थाने में पहुंची। यहां थाना प्रभारी संतोष सिंह कुंवर के कक्ष में एसआईटी प्रभारी ने बैराज के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, नहर से अंकिता के शव की बरामदगी और फोरेंसिक जांच के दौरान वीडियोग्राफी को देखा। पुलिस की ओर से घटनास्थल और वनंत्रा रिजॉर्ट से जुटाए गए साक्ष्यों की जांच की। उन्होंने मृतका अंकिता भंडारी, आरोपी पुलकित आर्य, अंकित उर्फ पुलकित गुप्ता और सौरभ भाष्कर के फोन कॉल रिकार्ड को देखा। वहीं अंकिता की व्हाट्सएप कॉल की भी पड़ताल की। उन्होंने रास्जव पुलिस को दी गई तहरीर, मुकदमे और आख्या की भी देखा।
उन्होंने विवेचना अधिकारी राजेंद्र खोलिया से मुकदमा हस्तांतरण व पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई का अध्ययन किया। तीनों आरोपियों से पूछताछ के दौरान जुटाई गई जानकारी ली। इसके बाद एसआईटी दोपहर 12.45 बजे पुलिस गेस्ट हाउस चली गई। एसआईटी प्रभारी को पुलिस गेस्ट हाउस में भोजन के बाद वनंत्रा रिजॉर्ट में जांच के लिए पहुंचना था, लेकिन शाम तक भी वह रिजॉर्ट में नहीं पहुंची। उनके आने से पहले एलआयू की टीम ने घटना स्थल का मौका मुआयना किया।
उड़ती रही अफवाह, दौड़ते रहे मीडियाकर्मी
- वनंत्रा रिजॉर्ट के बाहर स्थानीय और राष्ट्रीय मीडियाकर्मियों की भीड़ जुटी थी। कोई वाहन आता तो मीडियाकर्मी तुरंत सतर्क हो जाते। कभी सूचना मिलती की टीम घटनास्थल पर है तो कभी गंगा भोगपुर मल्ला गांव के पंचायत घर पहुंच चुकी है। मीडियाकर्मी दिनभर इधर से उधर दौड़ते रहे। गांव में कोई व्यक्ति कहता कि 5-10 अधिकारी जैसे दिखने वाले लोग उधर जा रहे तो टीम वहीं पहुंच जाती थी। लेकिन जब टीम नहीं पहुंची तो सभी वापस लौट गए।
अलग-अलग टीमों का किया गठन
सूत्रों के अनुसार अंकिता हत्याकांड की जांच के लिए एसआईटी की अलग-अलग टीमें गठित की गईं हैं। टीम गांव वालों से वनंत्रा रिजॉर्ट, यहां होने वाली संदिग्ध गतिविधियों, कर्मचारियों के बारे में आदि पूछताछ कर जानकारी जुटाएगी। वहीं टीम घटना की पूरी तरह से तथ्यात्मक जानकारी लेने के बाद सीन को रिक्रिएट करेगी।