धूलकोट स्थित तुलाज इंस्टीट्यूट में सिविल इंजीनियरिंग विभाग के सप्ताह एआईसीटीई-एटीएएल फैकल्टी विकास कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का विषय स्थायी विकास को बढ़ावा, रिमोट सेंसिंग और जीआईएस प्रौद्योगिकियों का एकीकरण था। सोमवार को कार्यक्रम का शुभारंभ प्रसिद्ध पर्यावरणविद् डॉ. अनिल प्रकाश जोशी ने किया। उन्होंने स्थायी विकास और पर्यावरण संरक्षण में अपने उल्लेखनीय योगदान के अनुभव साझा किए और आधुनिक तकनीकों के साथ स्थायित्व को एकीकृत करने के महत्वपूर्ण उपाय बताए। संस्थान के निदेशक डॉ. संदीप विजय ने बताया कि कार्यक्रम 16 से 21 दिसंबर तक चलेगा। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में शिक्षकों, शोधकर्ताओं, और पेशेवरों को आधुनिक तकनीकों और समाधानों के माध्यम से स्थायित्व से जुड़े मुद्दों को हल करने के लिए सशक्त करेंगे। कार्यक्रम में विशेष रूप से रिमोट सेंसिंग और जियोग्राफिक इन्फॉर्मेशन सिस्टम के उपयोग पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जो पर्यावरणीय बदलावों की निगरानी, भूमि उपयोग की योजना और संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में सहायक होंगे। इस मौके पर डॉ. सुनील सेमवाल, डॉ. निशांत सक्सेना, डॉ. विजय उपाध्याय आदि उपस्थित रहे।