लाखामंडल स्थित प्राचीन शिव मंदिर में महाशिवरात्रि के अगले दिन विभिन्न राज्यों से आईं 14 महिलाओं ने रातभर जगकर संतान प्राप्ति के लिए प्रार्थनाएं कीं।
मान्यता है कि शिवरात्रि में शिव ज्योतिर्लिंग के समक्ष श्रद्धापूर्वक रात्रि जागरण और उपवास करने से निसंतान महिलाओं को संतान सुख की प्राप्ति होती है। इसी विश्वास के साथ देश के अलग-अलग स्थानों से महिलाएं लाखामंडल पहुंचीं। लाखामंडल स्थित महाभारत कालीन प्राचीन व ऐतिहासिक महत्व वाले शिव मंदिर में महाशिवरात्रि के अवसर पर दो दिवसीय मेले का आयोजन किया जाता है। रात में मंदिर परिसर में चार पहर की विशेष पूजा संपन्न कराई जाती है। सायंकालीन पूजा-अर्चना के पश्चात निसंतान महिलाएं उपवास रखकर रात्रि जागरण करती हैं। सोमवार को फरीदाबाद, दिल्ली, बिहारीगढ़,, शामली, हरिद्वार, धामपुर, साहिया, म्यूंडा, शिमला, टिहरी व जौनसार बावर के विभिन्न क्षेत्रों से 14 महिलाएं संतान प्राप्ति की कामना लेकर मंदिर पहुंचीं। मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं के लिए पूजा-अर्चना और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं। महिलाएं रातभर उपवास रखकर पूजा करेंगी और प्रात: होने पर व्रत को पूर्ण करेंगी। इस दौरान मंदिर समिति अध्यक्ष सुशील गौड़, गांव के स्याणा मोहन बहुगुणा, कोषाध्यक्ष बाबूराम शर्मा, पुजारी बबलू बहुगुणा, उत्तम गौड़, जगत राम शर्मा, अतर दत्त बहुगुणा, बीना भट्ट आदि भी मौजूद रहे।