गंभीर मरीजों को लाने ले जाने के लिए अब एंबुलेंस संचालक मनमाना किराया नहीं वसूल सकेंगे। संभागीय परिवहन प्राधिकरण (एसटीए) की ओर से एंबुलेंस संचालकों के लिए किराये की दरें तय की गई हैं। इतना ही नहीं परिवहन आयुक्त के आदेश पर विभागीय अधिकारियों ने इसे लेकर जागरुकता अभियान भी शुरू कर दिया है। साथ ही निर्धारित दरों से अधिक किराया वसूलने वाले एंबुलेंस चालकों पर कार्रवाई भी शुरू कर दी है।
आरटीओ (प्रवर्तन) सुनील कुमार शर्मा ने बताया कि एंबुलेंस संचालक मरीजों, तीमारदारों से मनमाना किराया ना वसूल सकें इसके लिए जागरुकता अभियान चलाने के साथ ही विशेष जांच अभियान भी चलाया जा रहा है। जागरुकता अभियान के तहत राजधानी से लेकर देहात तक सड़कों पर फर्राटा भर रही सभी एंबुलेंस में एसटीए की ओर से तय की गई किराये की दरों के स्टीकर लगाए जा रहे हैं। साथ ही दून अस्पताल, कोरोनेशन, गांधी शताब्दी समेत तमाम सरकारी और निजी अस्पतालों के अलावा सभी डायग्नोस्टिक सेंटर में किराये की दरों वाले फ्लेक्सी बोर्ड लगाए जा रहे हैं।
इतना ही नहीं एंबुलेंस संचालक एसोसिएशन के पदाधिकारियों को बुलाकर संभागीय परिवहन प्राधिकरण की ओर से तय की गई किराये की दरों को लेकर जानकारियां मुहैया करा दी गई हैं। यदि किसी भी मरीज, तीमारदार से अधिक किराया वसूलने की बात सामने आती है तो संबंधित एंबुलेंस संचालक के खिलाफ कार्रवाई के साथ ही एंबुलेंस को सीज कर दिया जाएगा।
क्या है एसटीए की ओर से तय की गई किराए की नई दरें
आरटीओ (प्रवर्तन) सुनील शर्मा ने बताया कि एसटीए की ओर से तय की गई किराये की दरों के अनुसार मरीज और तीमारदार को घर से अस्पताल 15 किलोमीटर तक ले जाने के लिए सामान्य एंबुलेंस के लिए 800 रुपये किराया देना होगा। जबकि, ऑक्सीजन सपोर्ट वाली एंबुलेंस के संचालक इतनी ही दूरी के लिए 1200 रुपये किराया ले सकेंगे। एडवांस सपोर्ट सिस्टम और आईसीयू कार्डियक एंबुलेंस के संचालक 15 किलोमीटर के लिए मरीजों-तीमारदारों से तीन हजार रुपये तक किराया वसूल सकेंगे। यदि एंबुलेंस में पैरामेडिकल, नर्सिंग स्टाफ है तो किराया चार हजार रुपये तक लिया जाएगा। एंबुलेंस में यदि डॉक्टर की तैनाती है तो इतनी ही दूरी के लिए छह हजार रुपये किराया लिया जा सकता है। एंबुलेंस को एक घंटे के लिए रोका जाता है तो संचालक दो सौ रुपये ठहराव शुल्क ले सकेंगे।