गौरांग दास प्रभु
इस्कॉन प्रचारक गौरांग दास की पहचान एक इंजीनियर से साधु और विभिन्न रूपों में मानी जाती है। आईआईटी से इंजीनियरिंग करने के बाद वह साधु बने। लीडरशिप कंसलटेंट के रूप में उनकी अलग पहचान है। कारपोरेट जगत में एक कोच व प्रेरक वक्ता के अलावा एनवायरमेंट लीडर के तौर पर भी देश दुनिया में पहचाने जाते हैं। समाज सुधारक से लेकर आध्यात्मिक नेता तक का उनका सफर सबके लिए प्रेरणादायक है। वह शिक्षक होने के साथ ही शिक्षाविद् भी हैं। इस्कॉन मुंबई में प्रचारक के तौर पर शामिल होने से पहले गौरांग दास प्रभु ने किर्लोस्कर के लिए काम किया है। आज इस्कॉन के माध्यम से वे देश दुनिया में अध्यात्म को आगे बढ़ा रहे हैं। वह गोवर्धन इको विलेज के निदेशक भी हैं।
रंजीत कोहली
उद्योग जगत में रंजीत कोहली एक बड़ा नाम है। ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) रंजीत इससे पहले डोमिनोज इंडिया के प्रेसीडेंट और चीफ बिजनेस ऑफिसर पद पर सेवाएं दे चुके हैं। उन्होंने अपने कॅरियर की शुरुआत कलर स्टील्स से वर्ष 1997 से की। वर्ष 1999 में उन्होंने एरिया सेल्स मैनेजर के तौर पर एशियन पेंट्स ज्वाइन किया। इसके बाद 2004 में कोका कोला कंपनी में जीएम से लेकर सीनियर वाइस प्रेसीडेंट तक के पदों पर 13 साल तक सेवाएं दीं। 2018 में उन्होंने एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसीडेंट व सीओओ के पद पर डोमिनोज ज्वाइन किया। चार साल तक उन्होंने यहां सेवाएं दीं और प्रेसीडेंट पद तक पहुंचे। 2022 से वह ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज में सीईओ के पद पर सेवाएं दे रहे हैं। आज के युवाओं के लिए वह मिसाल हैं।
रानी रामपाल
महज 15 साल की उम्र में भारतीय हॉकी टीम में शामिल होने वाली टीम की कप्तान रानी रामपाल को भारतीय हॉकी की ''''रानी'''' कहा जाता है। हरियाणा के शाहबाद मारकंडा निवासी रानी की कहानी हिम्मत के बल पर तमाम दुश्वारियों से संघर्ष करके विजयी होने की है। रानी के पिता आजीविका के लिए तांगा चलाते थे। परिवार में भाई-बहनों में रानी सबसे छोटी हैं। अपने प्रदर्शन के बाद रानी ने रेलवे में क्लर्क की नौकरी हासिल की और टीम के साथ-साथ परिवार की भी जिम्मेदारी संभाल रही हैं। 2010 विश्व कप में भाग लेने वाली भारतीय हॉकी टीम की वे सबसे कम उम्र की (१५ वर्ष) खिलाड़ी थीं। रानी ने 14 साल की उम्र में अपना पहला इंटरनेशनल मैच खेला था। उन्होंने 2009 में एशिया कप के दौरान भारत को रजत पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। वह 2010 के राष्ट्रमंडल खेल और 2010 के एशियाई खेल के दौरान भारतीय टीम का हिस्सा थीं। 2013 में जूनियर महिला हॉकी टीम ने कांस्य पदक जीता, जो कि विश्व कप हॉकी प्रतिस्पर्धा में 38 साल बाद भारत का पहला कोई मेडल है। इस जीत का श्रेय रानी रामपाल को भी जाता है। वह आमतौर पर सेंटर फॉरवर्ड पर खेलती हैं। इस प्रतिस्पर्धा में वह यंग प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुनी गईं थीं। रॉजारियो (अर्जेंटीना) में महिला हॉकी वर्ल्ड कप में सात गोल कर सर्वश्रेष्ठ यंग फॉरवर्ड का अवॉर्ड हासिल करने वाली रानी सबके लिए मिसाल है।
अनुप्रिया पटेल
अनुप्रिया पटेल देश की 16वीं लोकसभा में उत्तर प्रदेश की मिर्जापुर सीट से सांसद हैं। अनुप्रिया पटेल मोदी सरकार की सबसे युवा मंत्री हैं। वह वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय में राज्य मंत्री हैं। अनुप्रिया 2016 से 2019 तक केंद्र सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में राज्य मंत्री थीं। अनुप्रिया पटेल अपना दल की राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। उन्हें पार्टी ने सितंबर 2019 में अपना राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना था। उनके पिता अपना दल के संस्थापक डॉ. सोनेलाल पटेल थे। माता कृष्णा पटेल हैं। 2012 में अनुप्रिया पटेल उत्तर प्रदेश विधानसभा की सदस्य भी चुनी गई थीं।