पनियार खड्ड से पानी लेकर आतीं अलसी गांव की महिलाएं। संवाद
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कालसी ब्लॉक के अलसी गांव में दो वर्ष से क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन को अब तक ठीक नहीं किया है। ग्रामीण स्वयं प्लास्टिक के पाइप जोड़ कर किसी तरह गांव तक पानी पहुंचा रहे हैं। कई बार प्लास्टिक के पाइप टूटने पर ग्रामीणों को एक किलोमीटर दूर पनियार खड्ड से पानी ढोकर लाना पड़ता है। कालसी ब्लॉक के अलसी गांव की आबादी करीब 450 है। करीब दो वर्ष पहले लोनिवि अस्थाई खंड साहिया के हईया-अलसी-सकनी मोटर मार्ग के चौड़ीकरण और डामरीकरण के दौरान अलसी गांव की नई और पुरानी पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। ग्रामीणों ने विरोध प्रकट कर पेयजल लाइन की मरम्मत की मांग की थी। साहिया में आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में भी ग्रामीणों ने पेयजल लाइन के क्षतिग्रस्त होने से हो रही परेशानी का मुद्दा जिलाधिकारी के समक्ष उठाया था। स्थानीय ग्रामीण कृपाल सिंह, सुरेंद्र सिंह, कमल सिंह, दिनेश सिंह आदि का कहना है कि वह स्वयं के खर्च पर प्लास्टिक के पाइप लगाकर पेयजल आपूर्ति को सुचारु रखने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन बार-बार पाइप टूट जाते हैं। पेयजल आपूर्ति सुचारु करने में समय लगता है। इस दौरान लोगों को एक किलोमीटर दूर पनियार खड्ड से पानी ढोकर लाना पड़ता है। सबसे अधिक परेशानी गांव में शादी समारोह या धार्मिक आयोजन के लिए पेयजल की व्यवस्था करने में होती है।