अंकिता भंडारी हत्याकांड में सीबीआई जांच की रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक न होने और मामले से जुड़े कथित वीआईपी के नाम का खुलासा न होने पर कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ फिर से मोर्चा खोल दिया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष संजय किशोर ने सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि सरकार अंकिता को न्याय दिलाने के बजाय इस पूरे मामले को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि अंकिता को न्याय दिलाने के लिए कांग्रेस और प्रदेश की जनता ने सड़कों पर उतरकर लगातार संघर्ष किया था, जिसके भारी दबाव में सरकार को सीबीआई जांच की संस्तुति करनी पड़ी थी। लेकिन सीबीआई जांच को लंबा समय बीत चुका और रिपोर्ट अब तक फाइलों में ही कैद है। कांग्रेस ने सरकार और सीबीआई से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश की जनता यह जानना चाहती है कि इस जघन्य हत्याकांड में अब तक कितने लोगों से पूछताछ की गई और किन-किन लोगों की क्या भूमिका रही है। इसके साथ ही, जिस कथित वीआईपी का नाम लगातार चर्चाओं में रहा है, उसकी इस हत्याकांड में क्या भूमिका है, यह भी सार्वजनिक होना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सीबीआई जांच की स्थिति स्पष्ट करते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो कांग्रेस एक बार फिर सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी। पत्रकार वार्ता में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव शम्मी प्रकाश, कांग्रेस नेता जीशान अली, युवा नेता राहुल वर्मा, बंटी और अनस मुनीर समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।