कालसी तहसील में आपदा राहत और मुआवजे की फाइलों के निस्तारण में कथित घूसखोरी का मामला सामने आया है। क्षेत्र पंचायत सदस्यों (बीडीसी) और ग्राम प्रधानों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर तहसील कर्मचारियों पर आपदा प्रभावितों से रिश्वत मांगने के गंभीर आरोप लगाए हैं। जनप्रतिनिधियों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई है। जिलाधिकारी कार्यालय में दिए गए ज्ञापन में जनप्रतिनिधियों ने बताया कि आपदा प्रभावित परिवारों की ओर से उन्हें लगातार शिकायतें मिल रही हैं। आरोप है कि तहसील कार्यालय से जुड़े कुछ कर्मचारियों और पीआरडी जवानों के माध्यम से मुआवजा फाइलों को पास करने के एवज में धनराशि की मांग की जा रही है। शिकायत पत्र में कुछ कर्मचारियों के नामों का भी स्पष्ट उल्लेख किया गया है। हालांकि, जनप्रतिनिधियों का यह भी कहना है कि इन आरोपों की वास्तविक सत्यता निष्पक्ष जांच के बाद ही सामने आ सकेगी। प्रतिनिधिमंडल ने डीएम से मांग की है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तहसील स्तर पर आपदा संबंधी फाइलों, आवेदन रजिस्टर, जांच रिपोर्ट, स्वीकृति पत्र और भुगतान से जुड़े सभी अभिलेखों को तत्काल सुरक्षित किया जाए, ताकि खुर्द-बुर्द होने की आशंका न रहे। इसके अलावा, संभावित गवाहों और शिकायतकर्ताओं के बयान गोपनीय तरीके से दर्ज किए जाएं।