छावनी बाजार स्थित पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की शाखा में पिछले करीब तीन महीने से कृषि अधिकारी के नदारद रहने से क्षेत्र के किसानों में भारी रोष है। जौनसार-बावर के 100 से अधिक गांवों के किसान कृषि ऋण, फसल बीमा और किसान क्रेडिट कार्ड के नवीनीकरण के लिए बैंक के चक्कर काटने को मजबूर हैं, लेकिन उन्हें बैरंग ही लौटना पड़ रहा है।जौनसार-बावर का प्रमुख केंद्र होने के कारण चकराता की पीएनबी शाखा से बड़ी संख्या में ग्रामीण जुड़े हैं। कृषि संबंधी कार्यों के लिए किसान दूरदराज के दुर्गम गांवों से बैंक पहुंचते हैं, लेकिन अधिकारी के न होने से उन्हें समय पर सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं। किसानों का आरोप है कि पूछने पर बैंक कर्मचारियों की ओर से उन्हें एक महिला कृषि अधिकारी का नंबर थमा दिया जाता है। जब वे उस नंबर पर संपर्क करते हैं, तो उन्हें फाइल लेकर कालसी या विकासनगर आने का फरमान सुनाया जाता है। जबकि िकसानों का कहना है कि कृषि अधिकारी के न मिलने पर उन्हें कई बार बैंक जाना पड़ता है। वह हर बार सोचते हैं कि शायद इस बार कृषि अधिकारी मिल जाए लेकिन उन्हें हमेशा निराशा हाथ लगती है। किसानों का कहना है कि ऐसे में उनके कार्य महीनों तक लंबित रहते हैं। बाद में अधिकारी का नंबर मिलता है। अतिरिक्त खर्च और समय की बर्बादी से रोष : स्थानीय किसान बारू दत्त शर्मा, जगदीश, महेंद्र सिंह, जगत सिंह, कुंवर सिंह, भोपाल सिंह और रमेश ने बैंक की इस कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि लंबे समय से उनके केसीसी नवीनीकरण समेत कई जरूरी काम लटके हुए हैं। पहाड़ी क्षेत्र से अपने काम छोड़कर कालसी या विकासनगर जाना उनके लिए अतिरिक्त समय और पैसे की बर्बादी है। किसानों ने बैंक प्रबंधन से चकराता शाखा में कृषि अधिकारी की नियमित तैनाती और लंबित फाइलों के तत्काल निस्तारण की मांग उठाई है।