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सोशल मीडिया पर केदारपुरम स्थित कांजी हाउस का वीडियो वायरल होने के बाद नगर निगम के अधिकारियों ने कांजी हाउस का निरीक्षण किया। इस दौरान यहां दो गोवंश मृत मिले। जबकि कई गोवंश की स्थिति गंभीर बनी हुई है। नगर निगम के अधिकारियों ने कांजी हाउस का संचालन कर रहे संस्था को फटकार लगाई और गोवंश के लिए चारे और चिकित्सा के इलाज की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
केदारपुरम स्थित कांजीहाउस का संचालन पहले नगर निगम करता था। लेकिन सितंबर 2023 में शासन के निर्देशानुसार कांजी हाउस का संचालन हरिओम आश्रम कड़वापानी को सौंप दिया गया। यहां आने वाले गोवंश के चारे से लेकर देखभाल और इलाज की व्यवस्था आश्रम के जिम्मे है वर्तमान में यहां करीब 350 गोवंश हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में आरोप है कि आश्रम की ओर से यहां न तो गोवंश के लिए ठीक से चारे की व्यवस्था की जा रही है और न ही इलाज है। बुधवार को कांजीहाउस का वीडियो वायरल हुआ तो तत्काल नगर निगम से मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डीसी तिवारी के साथ पशु विभाग से मुख्य पशु चिकित्साधिकारी विद्यासागर कापड़ी के साथ ही हिंदूवादी संगठनों के लोग कांजीहाउस पहुंचे। मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी ने संचालक को मौके पर बुलाया लेकिन वह मौके पर नहीं आए।
मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी विद्यासागर कापड़ी ने संचालक के खिलाफ थाना नेहरू कॉलोनी में तहरीर दी है। मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी ने बताया कि आज मृत पशुओं का पोस्टमार्टम किया जाएगा। जांच कर संचालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उधर इस मौके पर उपस्थित हिंदू जागरण मंच के रोहित मौर्य का आरोप है कि कांजी हाउस में गोवंश की हालत दयनीय है। उनके इलाज की कोई व्यवस्था नहीं है। उन्हें एक्सपायरी दवा दी जा रही है। कहा कि जब नगर निगम के जिम्मे कांजी हाउस की व्यवस्था थी तो हालत ठीक थे। लेकिन जब तक संस्था को जिम्मेदारी दी गई है, यहां गोवंश की हालत दयनीय हो गई है।