Iडेढ़ करोड़ से काॅम्प्लेक्स की मरम्मत का लिया गया था फैसला, लेकिन नहीं हुआ कामI
राजीव गांधी तहसील काॅम्प्लेक्स में गंदगी के लिए ठेकेदार पर एक लाख का जुर्माना लगाने के बाद परिसर में सफाई व्यवस्था बेशक सुधर जाए, लेकिन इस काॅम्प्लेक्स में कई अन्य समस्याएं भी हैं। गंदगी के बाद सबसे बड़ी समस्या लिफ्ट की है। लिफ्ट नहीं चलने के कारण फरियादियों व बुजुर्ग लोगों को सीढ़ी से ऊपर जाना पड़ता है। इस बिल्डिंग पर एमडीडीए का स्वामित्व है। पिछले दिनों एमडीडीए ने डेढ़ करोड़ से काॅम्प्लेक्स की मरम्मत का फैसला लिया था। तत्कालीन प्राधिकरण सचिव मोहन सिंह बर्निया ने तब साफ-सफाई व मरम्मत कराकर इसे हुडा को सौंपने का निर्णय लिया था। तब यह कहा गया कि भविष्य में बिल्डिंग की देखरेख व मरम्मत का जिम्मा हुडा का होगा। लेकिन, मरम्मत नहीं की जा सकी। अब तक राजीव गांधी तहसील काॅम्प्लेक्स बदहाली से जूझ रहा है। विभागों की खींचतान के बीच इस बिल्डिंग में बदइंतजामी हावी है। सीढ़ियों से लेकर काॅम्प्लेक्स का प्रत्येक कोना कूड़े से अटा है। दुकानदारों के अनुसार नगर निगम, एमडीडीए समेत सभी विभाग यहां पर इंतजामों को लेकर पल्ला झाड़ते हैं। एमडीडीए कहता है कि उसका काम बिल्डिंग बनाकर देना था। रख-रखाव दुकानदारों को खुद करना था। जब यह व्यवस्था नहीं बन पाई तो शासन स्तर पर यह तय किया गया कि एमडीडीए इसकी पुन: मरम्मत कराकर देगा। इसके बाद हुडा पूरी जिम्मेदारी संभालेगा। एमडीडीए ने इसके लिए डेढ़ करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान भी किया था, लेकिन काम नहीं कराया जा सका। डीएम सविन बंसल ने कहा कि लिफ्टों का संचालन कराया जाएगा। एमडीडीए को पत्र भेजकर सभी लिफ्ट ठीक कराई जाएंगी।