तिरंगा सौंपे जाने के बाद राज्यपाल ले. ज. गुरमीत सिंह (सेनि.) ने कहा कि भारतीय झंडे के अंदर एक गर्व और प्रेरणा है। यही वह झंडा है, जयहिंद है जिसने हमको स्वतंत्रता दिलाई है। झंडा हवा से नहीं हर एक भारतीय की आत्माओं से लहराता है। झंडे को देखकर लगता है कि भारत के सपनों को कुछ रूप दूं। उन्होंने कहा कि जब तिरंगे को देखते हैं तो ऐसा लगता है कि वे अपनी फौज की ड्यूटी पर खड़े हैं। कहा कि आज के दिन हम अपने हर सैनिक को भी जय हिंद बोलते हैं, जो सरहद पर खड़े होकर भारत की सरहदों की रक्षा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने तिरंगे को एक सफलता के साथ जोड़ा है। जहां पर भी जीत होती है, वहां पर झंडा लहराया जाता है। कहा कि तिरंगा झंडा हमारे राष्ट्र की एक सोच, विचार और धारणा है। भारत का एक-एक कण, भारत की मिट्टी, भारत का पूरा वातावरण चाहे वो पशु हों, पक्षी हों, नदियां हों या पेड़ और पहाड़, सब इस तिरंगे में हैं। उन्होंने तिरंगा यात्रा और राष्ट्रपर्व की बधाई देते हुए कहा कि झंडे के रूप में आपका संदेश हर एक घर पर लहराए, यही उनकी कामना है।