लंबे इंतजार के बाद आखिरकार गौरव सेनानी एसोसिएशन को मुख्यमंत्री ने रविवार को वार्ता के लिए बुला लिया। एसोसिएश का एक प्रतिनिधि मंडल मुख्यमंत्री से मिलने गया। उनकी 16 सूत्री मांगों को मुख्यमंत्री ने सुना और कहा कि जल्द बैठक कर सभी बिंदुओं को संज्ञान लिया जाएगा।
एसोसिएशन के अध्यक्ष महावीर सिंह राणा ने कहा पूर्व सैनिकों के हितों की 16 सूत्री मांगें हैं। प्रदेश के सभी जिलों के पूर्व सैनिक संगठनों से इन सभी बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया है। प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि पूर्व सैनिकों के हितों में पूर्व में किसी ने भी संज्ञान नहीं लिया। आज हालात यह है कि उत्तराखंड में पूर्व सैनिकों की कल्याणकारी योजनाओं में भी अनियमितता हो रही है। राज्य में पूर्व सैनिकों को पांच फीसदी आरक्षण मिल रहा है। जबकि, हिमाचल प्रदेश में 15 व पंजाब राज्य में 13 फीसदी आरक्षण दिया जा रहा है। उपनल में भी बड़े पैमाने पर अनियमितता हो रही है। प्रतिनिधि मंडल में उपाध्यक्ष मनवर सिंह रौथाण, सचिव गिरीश जोशी, ऋतुराज चौहान, विजय भट्ट, हरीश सकलानी, उत्तम गुंसाईं, निरलेश गिरि, खुशाल परिहार, विक्रम कंडारी आदि मौजूद रहे।