राजधानी में जमीन फर्जीवाड़े के मामले बढ़ते जा रहे हैं। ताजा मामला सोमवार को जनसुनवाई में आया, जब एक महिला ने आरोप लगाया कि भूमाफिया ने सरकारी कर्मचारियों की मिलीभगत से रजिस्ट्री विभाग के रिकॉर्ड रूम में उसकी भूमि के मूल दस्तावेज से छेड़छाड़ करवा दी है। ऐसे ही दो और मामले आए तो डीएम सोनिका ने एसडीएम प्रशासन डॉ. एसके बरनवाल को जांच सौंप दी है। वहीं, रजिस्ट्री विभाग के रिकॉर्ड रूम समेत अन्य अभिलेखागारों में सीसीटीवी कैमरे को अपडेट करने के निर्देश दिए हैं।
डीएम का कहना है, मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपों की जांच की जा रही है। इसी कड़ी में रजिस्ट्री विभाग के रिकॉर्ड रूम का निरीक्षण किया गया था। किसी भूमि स्वामी के साथ ऐसी धोखाधड़ी न हो, इसके लिए रिकॉर्ड रूम में सीसीटीवी का पहरा बढ़ाया जा रहा है। जिल्द में छेड़छाड़ के बाद वही डेटा ऑनलाइन तो दर्ज नहीं हो गया, यह जांच के बाद ही पता चलेगा। वहीं, एडीएम प्रशासन डॉ. एसके बरनवाल ने कहा, मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी।
सुरक्षित है डेटाबेस, जिल्द में छेड़छाड़ के आरोपों की हो रही जांच
जमीनों के सभी बैनामों को ऑनलाइन कर दिया गया है। इसे डेटाबेस कहा जाता है लेकिन अभी बैनामे जिल्द में भी मौजूद हैं। दस्तावेज में छेड़छाड़ जिल्द तक ही संभव है। किसी साइबर अटैक के अलावा ऑनलाइन डेटाबेस में कोई भी छेड़छाड़ स्थानीय स्तर पर संभव नहीं है। जिल्दों में दर्ज दस्तावेज में बदलाव करने के आरोपों की जांच डीएम के आदेश पर प्रशासनिक स्तर पर की जा रही है।
-डॉ. अहमद इकबाल, महानिरीक्षक, निबंधन
अब चारों तरफ घूमेगा कैमरा
दस्तावेज में छेड़छाड़ के आरोपों के बाद प्रशासन ने सभी अभिलेखागारों में कैमरे का पहरा बढ़ा दिया है। ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर को डीएम सोनिका ने आदेश दिए हैं कि कैमरों की संख्या बढ़ाई जाए। कैमरों की लोकेशन ऐसे निर्धारित की जाए कि 24 घंटे की गतिविधियां कैद होती रहें। कैमरा 360 डिग्री पर घूमता रहे और रोज इसको अपडेट किया जाए।
शिकायत के लिए नंबर जारी
डीएम सोनिका ने कहा कि जमीन फर्जीवाड़े की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई के लिए फोन-व्हाट्सएप नंबर 9996000333 और ईमेल registryhelpukgmail.com पर शिकायत की जा सकती है।