फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पर्चा तो बहाना है, असल में तुम्हें सनातनी बनाना है : धीरेंद्र

विज्ञापन
विज्ञापन
Iकहा- जब शरीर दूसरा खून स्वीकार नहीं कर सकता तो हम दूसरे मजहब को क्यों स्वीकारेंI
विज्ञापन

Iभारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की मांग दोहराई, कहा- यह देश बाबर का नहीं, रघुवर का हैI
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री शनिवार को देहरादून पहुंचे। परेड ग्राउंड के खेल मैदान में उनका दिव्य दरबार लगा। उन्होंने भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की मांग दोहराई। हर बार की तरह ही उन्होंने लोगों के पर्चे खोले और उनकी समस्या के बारे में बात की। उनके दरबार को लेकर भक्तों में खासा उत्साह दिखा।
दून में शनिवार को पहली बार धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का दरबार लगा। रात 8:20 बजे धीरेंद्र शास्त्री मंच पर पहुंचे। उन्होंने मंच को प्रणाम करते हुए हनुमानजी के चरणों में शीश नवाया। उन्होंने कहा कि पर्चा तो बहाना है, असल में तुम सब को सनातनी बनाना है। कहा कि, सनातन के संतों को छोड़कर किसी की क्षमता नहीं है कि बागेश्वर धाम का सामना कर सके। दुनिया की कोई भी शक्ति हनुमानजी के सामने टिक नहीं सकती। उन्होंने आगे कहा कि देवभूमि में कण-कण में भगवान का वास है। सौभाग्य है कि आप लोगों को देवभूमि में जन्म मिला। अब हर घर से एक बच्चा सनातन का कफन बांधकर निकलेगा।
विज्ञापन


धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि जब शरीर दूसरा खून स्वीकार नहीं कर सकता, तो हम दूसरे मजहब को क्यों स्वीकार करें। यह देश बाबर का नहीं, रघुवर का है। कहा कि उत्तराखंड में सीडीएस बिपिन रावत की धरती पर पशुपति नाथ मंदिर बन रहा है। उन्होंने कहा कि अबकी बार कम समय मिला है। देहरादून में जल्द ही पांच दिन की कथा करेंगे।



Iएक झलक पाने के लिए पानी की टंकी पर चढ़े लोगI
धीरेंद्र शास्त्री की झलक पाने के लिए लोग आतुर दिखे। कोई पुलिस से भिड़ गया तो कोई सुबह से ही दरबार में आगे खड़े होने के लिए परेशान रहा। कुछ लोग तो पानी की टंकी के साथ ही अन्य ऊंचे स्थान पर चढ़ गए।

Iसुबह से शुरू हो गया था भक्तों के आने का सिलसिलाI
परेड ग्राउंड के खेल मैदान में धीरेंद्र शास्त्री के दरबार को लेकर भक्तों में खासा उत्साह था। भक्त सुबह से ही दरबार में आने शुरू हो गए थे। भरी धूप में महिलाएं पंडाल में बैठकर भजन-कीर्तन करती रहीं।
विज्ञापन



Iदेरी से शुरू हुआ दरबार, भक्तों में दिखा जबरदस्त जोशI

आयोजकों की ओर से दरबार का समय 4 बजे दिया गया था। ऐसे में सुबह से ही भीड़ जुटने लगी थी, लेकिन धीरेंद्र शास्त्री तय समय से करीब चार घंटे देरी से पहुंचे। इसके बाद भी भक्तों का जोश कम नहीं हुआ। जहां मंच पर थोड़ी हलचल होती तो सभी भक्त खड़े होकर जय श्रीराम के जयकारे लगाने लगते। धीरेंद्र शास्त्री रात 8:20 बजे मंच पर पहुंचे तो पंडाल जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें