अदालत ने दुष्कर्म और मारपीट के मामले में मुख्य अभियुक्त सुभाष व उसके परिवार के तीन सदस्यों को बृहस्पतिवार को बरी कर दिया। कथित पीड़िता ने आरोप लगाया था कि 23 दिसंबर 2018 को अभियुक्त सुभाष ने उसे शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाए। जब उसने शादी का दबाव बनाया तो सुभाष के पिता फिंचरू, भाई सुनील और मां पूर्णा देवी ने उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की। इस संबंध में बसंत विहार थाने में दो जून 2019 को प्राथमिकी दर्ज हुई थी। न्यायाधीश रजनी शुक्ला की अदालत ने पाया कि पीड़िता और अभियुक्त के बीच संबंध सहमति से थे और पीड़िता बालिग थी। मेडिकल रिपोर्ट में भी जबरन दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई। साक्ष्यों के अभाव में सभी को दोषमुक्त करने का आदेश दिया।