अस्पताल में आया का काम करने वाली युवती ने वहां के स्टाफ पर छेड़खानी का झूठा आरोप लगाते हुए एक लाख रुपये की मांग की है। शुरुआत में युवती अस्पताल प्रबंधन के सामने माफी मांगकर घर चली गई। लेकिन, अगले ही दिन उसने अपने कुछ दोस्तों को बुलाकर वहां तोड़फोड़ कर डाली। इस मामले में अस्पताल की संस्थापक की शिकायत पर युवती के खिलाफ ब्लैकमेलिंग और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
घटना रिंग रोड स्थित शाकुंभरी अस्पताल की है। डॉ. पूजा वर्मा इसकी संस्थापक हैं। उन्होंने शिवानी नाम की युवती को सात मई को अपने यहां आया के रूप में रखा था। लेकिन, कुछ दिनों बाद उसका व्यवहार अस्पताल प्रबंधन को ठीक नहीं लगा।एक युवक लगातार उससे मिलने आता था। इसके लिए उसे टोका भी गया। 23 मई को वह ड्यूटी पर आई और मैनेजर रवि के कमरे का आधा दरवाजा खोलकर बात करने लगी। शिवानी ने उनसे अपना वेतन बढ़ाने की मांग की। इस पर रवि ने कहा कि अभी उसे काम करते हुए डेढ़ माह ही हुआ है। यदि अच्छे से काम करोगी तो वेतन बढ़ा दिया जाएगा।
कुछ देर बाद मीनू नाम की स्टाफ ने डॉ. पूजा को बताया कि शिवानी के पेट में दर्द हो रहा है। जब शिवानी से बात की गई तो उसने रवि पर छेड़खानी का आरोप लगाया। इस पर रवि को बुलाया गया और आमने-सामने बात कराई गई। सीसीटीवी कैमरे चेक किए गए तो पता चला कि वह रवि से दरवाजा आधा खोलकर ही बात कर रही थी। यह हकीकत सामने आने के बाद वह माफी मांगकर वहां से चली गई।
डॉ. पूजा के अनुसार, शिवानी अगले दिन ड्यूटी पर आई और एक लाख रुपये मांगने लगी। धमकी देने लगी कि वह पुलिस में शिकायत कर देगी। कुछ देर बाद वहां चार-पांच युवक आए और उन्होंने अस्पताल में तोड़फोड़ की। मौके पर पहुंची पुलिस ने उन्हें भगाया। एसओ नेहरू कॉलोनी लोकेंद्र बहुगुणा ने बताया, शिवानी निवासी ज्वालापुर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज कब्जे में ले ली गई हैं।