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Dehradun: आठ साल की मासूम की दुष्कर्म के बाद हत्या का आरोपी नौ साल बाद गिरफ्तार, पहचान छुपाकर था रह रहा

Fri, 07 Jul 2023 03:11 PM IST
देहरादून ब्यूरो माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून

सार

दुष्कर्म का आरोपी अपने गांव भागमल से पूरी संपत्ति बेचकर फरार हो गया था। एसएसपी हरिद्वार ने पांच सदस्यीय टीम बनाकर आरोपी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। एसटीएफ के दो सिपाहियों को पिछले एक महीने से आरोपी के आने-जाने और रहने के सभी संभावित स्थानों का सुराग लगाने के लिए लगाया गया था।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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लक्सर में आठ साल की मासूम की दुष्कर्म के बाद हत्या के आरोपी 25 हजार के इनामी को एसटीएफ ने नौ साल बाद गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट से जमानत पर रिहा होने के बाद वह पहचान छिपाकर बिजनौर में आम के बाग का ठेका लेकर काम कर रहा था। मामले में हाईकोर्ट ने पुलिस महानिदेशक को आदेश दिए थे कि आरोपी को चार सितंबर तक किसी भी हालत में गिरफ्तार कोर्ट में पेश किया जाए।

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एसटीएफ के एसएसपी आयुष अग्रवाल ने बताया, वर्ष 2007 में हरिद्वार जिले के लक्सर में विनोद कुमार निवासी टांडा भागमल, लक्सर ने जंगल में घास काटने गई आठ साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद उसकी हत्या कर दी थी। आरोपी के खिलाफ लक्सर थाने में हत्या और दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया था।

 

संपत्ति बेचकर फरार हो गया था आरोपी
इसके बाद वह जमानत पर बाहर निकला और दोबारा अदालत में पेश नहीं हुआ। अपने गांव भागमल से पूरी संपत्ति बेचकर फरार हो गया था। एसएसपी हरिद्वार ने पांच सदस्यीय टीम बनाकर आरोपी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। एसटीएफ के दो सिपाहियों को पिछले एक महीने से आरोपी के आने-जाने और रहने के सभी संभावित स्थानों का सुराग लगाने के लिए लगाया गया था।

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उन्हें सूचना मिली कि विनोद कुमार वर्तमान में बिजनौर के टांंडा शाहूवाला गांव में आम के बाग का ठेका लेकर काम कर रहा है। इस पर एसटीएफ की एक टीम इंस्पेक्टर यशपाल बिष्ट, दारोगा विपिन बहुगुणा, नरोत्तम बिष्ट की देखरेख में दबिश देने के लिए भेजी गई। बुधवार देर रात एसटीएफ ने वहां से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

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वर्ष 2014 से लगातार छका रहा था पुलिस को
वर्ष 2014 से लगातार पुलिस उसकी तलाश करती रही लेकिन पता नहीं लग पाया। पुलिस जब भी आरोपी के घर समन लेकर पहुंचती तो वह नहीं मिलता। बार-बार समन जारी करने के बाद भी कोर्ट में उपस्थित न होने का संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने आरोपी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। साथ ही पुलिस महानिदेशक को आदेश दिए कि चार सितंबर तक हर हाल में उसे पेश करें। एसएसपी ने बताया, आरोपी की गिरफ्तारी पुलिस के लिए चुनौती बन गई थी। उसका ठिकाना मालूम नहीं पड़ रहा था। आरोपी का कोई परिजन भी गांव में नहीं रह रहा था। ऐसे में पुलिस महानिदेशक ने उसे गिरफ्तार करने के लिए निर्देशित किया था।

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