भाई के नंबर से चला पता
आरोपी मंजीत का कोई रिश्तेदार नहीं है। उसकी शादी भी जम्मू से हुई है। पिछले दिनों कोर्ट ने उसकी कुर्की का वारंट भी जारी किया था, लेकिन उसका कोई स्थाई पता न होने के कारण कुर्की वारंट तामील नहीं हो सका। इस बीच जब तीन दिनों तक पुलिस ने उसकी तलाश की तो उसके भाई का नंबर पता चला। उसकी कॉल डिटेल से मंजीत का नंबर हाथ लगा और पुलिस उस तक पहुंच गई।
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मालिक से कहा था जम्मू में करेगा काम
मंजीत को इस बात की भनक लग गई थी कि देहरादून पुलिस उसे ढूंढते हुए जालंधर तक आ पहुंची है। जिस फैक्टरी के लिए वह माल ढोता था उसके मालिक की एक फैक्टरी जम्मू में भी है। इसलिए उसने अपने मालिक से कहा कि अब वह जम्मू वाली फैक्टरी में ही काम करेगा। ऐसे में उसने पूरा प्लान बना लिया था कि वह जम्मू भाग जाएगा।I