सेलाकुई स्थित सतेंद्र चौक पर उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों की ओर से एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में खटीमा गोली कांड के बलिदानियों के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। वरिष्ठ आंदोलनकारी शूरवीर सिंह चौहान ने कहा कि राज्य उत्तर प्रदेश से अलग होकर उत्तरांचल और फिर उत्तरांचल से उत्तराखंड तो बन गया लेकिन बलिदानियों का उत्तराखंड बनना अभी बाकी है।
उन्होंने कहा कि जब तक उत्तराखंड में भू-कानून और मूल निवास लागू नहीं हो जाता तब तक हम राज्य बलिदानियों को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित नहीं कर पाएंगे। आंदोलनकारी अमित पंवार ने कहा कि ऋषिकेश में एक पत्रकार पर जानलेवा हमला हुआ है। इससे सिद्ध होता है कि उत्तराखंड में स्थानीय नागरिक क्या पत्रकार भी महफूज नहीं है। कहा कि पहाड़ों पर बहार के लोग कब्जा कर रहे हैं। पहाड़ों के लोगों को पीटा भी जा रहा है। कहा कि शहीदों ने इसीलिए क्या उत्तराखंड का निर्माण किया था। कहा कि अब एक लड़ाई प्रदेश में भू-कानून और मूल निवास के लिए लड़ी जाएगी। कहा कि यही शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस मौके पर प्रकाश भट्ट, सपना शर्मा, अनिल गौड़, गणेश सकलानी, अनूप, तीरथ राणा, मनवर पंवार आदि उपस्थित रहे।
Iहरबर्टपुर में बनवाया जाएगा शहीद पार्कI
हरबर्टपुर चौक पर मसूरी और खटीमा गोली कांड में शहीद हुए राज्य आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम में पहुंचे विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने घोषणा की कि हरबर्टपुर में शहीद पार्क बनवाया जाएगा। कहा कि राज्य आंदोलन में बलिदान लोगों को भुलाया नहीं सकता है। कहा कि उनके बलबूते ही उत्तराखंड राज्य का निर्माण हुआ है। सोमवार को आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में विधायक ने कहा कि अलग राज्य निर्माण के लिए प्रदेश की जनता ने बड़ा संघर्ष किया है। मातृ शक्ति ने सबसे बड़ा योगदान दिया। वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी उर्मिला शर्मा ने कहा कि राज्य निर्माण के शहीद हुए आंदोलनकारियों के योगदान को सदैव याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि आंदोलकारियों की शहादत को याद रख इस राज्य को विकास पथ पर आगे बढ़ाना अब युवाओं की जिम्मेदारी है। इस मौके पर ब्लॉक प्रमुख जसविंदर सिंह, बसंती रावत, विमला नेगी, यशोदा राणा, सरला त्रिपाठी, नरेश बहुगुणा आदि उपस्थित रहे।