जेबीआईटी कॉलेज ऑफ अप्लाइड साइंसेज में हाइड्रोपोनिक तकनीक पर सेमिनार आयोजित किया गया।
हाइड्रोपोनिक्स फार्मिंग के परियोजना निदेशक चंद्रमणी सिंह ने कहा कि खेती के अन्य विकल्पों के मुकाबले हाइड्रोपोनिक तकनीक की लागत काफी कम है। खेती के इस तकनीक में केवल पानी के साथ बालू और कंकड़ का प्रयोग किया जाता है। तकनीक के माध्यम से फल, सब्जी, फूल, औषधि आदि उगाए जा सकते हैं। जिसमें स्ट्राबेरी, अंगूर, टमाटर, शिमला मिर्च, पालक, हेंप, केसर, तुलसी, धनियां, आदि फसल शामिल हैं। कॉलजे ने शिक्षण कार्य के लिए हाइड्रोपोनिक्स फार्मिंग के साथ एमओयू साइन किया।
इस दौरान हाइड्रोपोनिक्स फार्मिंग की एचआर हेड नेहा रावत, संस्थान के उपाध्यक्ष संदीप सिंघल, निदेशक डॉ. पीके चौधरी, रजिस्ट्रार डॉ. विशांत कुमार, प्रधानाचार्य डॉ. एस के शर्मा, उप प्रधानाचार्य डॉ. वी के मिश्रा, डॉ. देवेंद्र सिंह रावत आदि उपस्थित रहे।