विजय पार्क की पार्षद अमिता सिंह के घर हुई चोरी के तार बड़े गिरोह से जुड़े हैं। पुलिस की अब तक की जांच में सामने आया है कि वारदात अचानक नहीं हुई, बल्कि आरोपियों ने पहले से पूरी तैयारी कर रखी थी। चार आरोपी दिल्ली से किराये की टैक्सी लेकर दून पहुंचे थे। वारदात के बाद इसी टैक्सी और अलग-अलग रास्तों से फरार होने की योजना बनाई गई। पुलिस को अब आशंका है कि गिरोह में पांच से अधिक लोग शामिल हो सकते हैं। वसंत विहार थाना क्षेत्र के राज मार्केट, बल्लीवाला में मंगलवार देर रात हुई वारदात में घरेलू नौकर भरत थापा की भूमिका सामने आई है। आरोप है कि उसने परिवार के सदस्यों के खाने में नशीला पदार्थ मिला दिया। खाना खाने के बाद पार्षद के पति महिपाल सिंह समेत परिवार के तीन सदस्य गहरी नींद में चले गए। इसके बाद घर का लॉकर तोड़कर गहने, नगदी और लाइसेंसी पिस्टल लेकर आरोपी फरार हो गए। जांच में सामने आया है कि वारदात के लिए आरोपी अपने साथ सब्बल और रॉड जैसे औजार भी लेकर आए थे। सीसीटीवी फुटेज में चार अन्य संदिग्ध भी घर से निकलते दिखाई दिए हैं। वारदात के बाद चार आरोपी एक दिशा में गए, जबकि एक दूसरी दिशा में भागा। पुलिस का मानना है कि यह तरीका जांच को भ्रमित करने के लिए अपनाया गया था। जांच में यह भी सामने आया है कि चार लोग दिल्ली से ही टैक्सी हायर कर दून पहुंचे थे। टैक्सी चालक भी नेपाली मूल का बताया जा रहा है। पुलिस अब चालक की भूमिका और आरोपियों से उसके संपर्कों की भी जांच कर रही है। टैक्सी कब और कहां से हायर हुई, आरोपियों को दून में किसने उतारा और वारदात के बाद उनका संपर्क किससे हुआ, इन बिंदुओं पर भी पड़ताल चल रही है। पुलिस ने आरोपियों के आने-जाने के संभावित रूट का चार्ट तैयार किया है। उनकी तलाश में दिल्ली से लेकर उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों और नेपाल सीमा तक पुलिस टीमें भेजी गई हैं। कुछ आरोपियों के नेपाल भागने की आशंका को देखते हुए सीमा से जुड़े रास्तों पर भी नजर रखी जा रही है। एसपी सिटी शेखर सुयाल ने बताया कि भरत थापा को करीब 20 दिन पहले ही घरेलू काम के लिए रखा गया था। वह नेपाल का रहने वाला है और उसे दिल्ली में एक कंपनी से जुड़े व्यक्ति के माध्यम से काम पर रखा गया था। अब यह पता लगाया जा रहा है कि भरत अकेले इस वारदात की साजिश रच रहा था या इसके पीछे पहले से सक्रिय गिरोह का नेटवर्क है।