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Iराजेंद्र गंगसारी बनाम उत्तराखंड सरकार के बीच एनजीटी में चल रहा है मामलाI
शीशमबाड़ा कूड़ा प्लांट के मामले को लेकर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में बृहस्पतिवार को सुनवाई हुई। एनजीटी ने दोनों पक्षों को सुना। न्यायालय का मित्र (एमिकस क्यूरी) की रिपोर्ट पर चर्चा हुई, लेकिन कोई महत्वपूर्ण निर्णय नहीं हुआ। मामले में अब अगली सुनवाई निर्धारित की जाएगी। कोर्ट ने नगर निगम को कहा कि अगली बार तारीख पर लीगेसी वेस्ट के निस्तारण का पूरा प्लान लेकर आएं।
शीशमबाड़ा में नगर निगम के कूड़ा प्लांट को लेकर राजेंद्र गंगसारी बनाम नगर निगम के बीच एनजीटी में मामला विचाराधीन है। राजेंद्र गंगसारी की ओर से कहा गया है कि कूड़ा प्लांट में गंदगी और बरसात के पानी में लीगेसी वेस्ट का लिचेट मिक्स होने की प्रमुख समस्या की वजह से स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। मामले में 19 मार्च को हुई सुनवाई के दौरान एनजीटी ने एमिकस क्यूरी (न्यायालय का मित्र) नियुक्त कर मौके पर जाकर शीशमबाड़ा की रिपोर्ट बनाने के लिए कहा था। जिसके बाद एमिकस क्यूरी ने शीशमबाड़ा कूड़ा प्लांट का निरीक्षण किया। इस दौरान वहां लोगों से बात की। उसके बाद उन्होंने अपनी विस्तृत रिपोर्ट बनाकर एनजीटी में दाखिल कर दी।
बताया जाता है कि रिपोर्ट में प्रमुख रूप से लीगेसी वेस्ट को ही सब समस्याओं की जड़ माना गया है। इसकी वजह से ही वहां अधिक मात्रा में लिचेट बनता है। बृहस्पतिवार को एनजीटी में मामले की सुनवाई में नगर निगम की तरफ से मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. अविनाश खन्ना पहुंचे। नगर आयुक्त वीसी के माध्यम से जुड़ें। दोनों तरफ के अधिवक्ताओं के बीच बहस हुई।