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महान स्वतंत्रता सेनानी अब्बास तैयब की 84वीं पुण्यतिथि पर दी भावभीनी श्रद्धांजलि

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माय सिटी रिपोर्टर देहरादून स्वतंत्रता सेनानी और महान देशभक्त अब्बास तैयब जी की 84 पुण्यतिथि पर वेबीनार के माध्यम से भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई । इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि बड़ोदरा उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश अब्बास तैयब जी जालियांवाला बाग नरसंहार से विचलित होकर महात्मा गांधी के साथ स्वतंत्रता संग्राम में कूद गए। इस महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ने 9 जून 1936 को मसूरी में अंतिम सांस ली। उनके निधन के बाद उनकी बेटी शरीफा में पिता से जुड़ी संपत्तियों का ट्रस्ट बनाकर राष्ट्रपति को समर्पित कर दिया था। इस मौके पर स्वर्गीय परिपूर्णानंद पैन्यूली को भी श्रद्धांजलि दी गई। श्रद्धांजलि सभा में डॉक्टर एस फारुख ने महान स्वतंत्रता सेनानी अब्बास तैयब जी के व्यक्तित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी अब्बास तैयब जी जैसे देशभक्त और ज्ञानी बहुत कम हुए हैं। गांधीजी और तैयब जी का रिश्ता बड़ा नज़दीकियों का था। अब्बास तैयब लड़कियों की शिक्षा को लेकर बेहद संजीदा थे। उनका मानना था कि यदि देश की बेटियां पढ़ी लिखी होंगी तो समाज और देश अपने आप तरक्की करेगा। श्रद्धांजलि सभा में मुख्य अतिथि मोहसिना किदवई ने अब्बास तैयब जी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि ऐसे महापुरुषों के कारण ही हम स्वतंत्र जीवन यापन कर रहे हैं । आज की पीढ़ी को उनके बताए रास्ते पर चलना चाहिए। श्रद्धांजलि सभा में डॉक्टर शमन हबीब, ब्रिगेडियर केजी बहल, डॉक्टर आदित्य आर्य, एमएस आसिफ, आरके बक्शी, आसिफ आजमी , एएस भाटिया, डॉ एम फारूक, कर्नल एमके हुसैन, एजाज इल्मी समेत कई उपस्थित थे। श्रद्धांजलि सभा का संचालन राज बख्शी ने किया।
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