एक साथ पांच देवताओं की पालकियों के पंजिया गांव पहुंचने पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। देवताओं के जयकारों से वातावरण गूंजता रहा। क्षेत्रवासियों ने देवदर्शन कर सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। मंगलवार को शिलगूर, बिजट व चूड़ेश्वर महाराज, भगवान परशुराम व माता रेेणुका की पालकी पंजिया गांव निवासी संतराम भट्ट व माया राम भट्ट के घर पर एक रात के प्रवास के लिए पहुंची। देव पालकियों का रास्ते में ग्रामीणों ने जगह-जगह स्वागत किया। इसके अलावा पंजिया में पहले से भारी संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं ने पालकियों का ढोल-नगाड़े व जयकारों के साथ स्वागत किया। बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों का उत्साह देखने लायक था। वह बार-बार देवताओं के जयकारे लगा रहे थे। पंजिया गांव निवासी संतराम भट्ट ने बताया कि कई साल पहले उनके पिता दत्ताराम भट्ट ने घर की खुशहाली व संतान प्राप्ति के लिए खत विशाईल के डिमोऊ गांव में स्थित परशुराम मंदिर में जाकर प्रार्थना की थी। उन्होंने बताया कि मन्नतें पूरी होने पर उन्होंने पांचों देवी-देवताओं को अपने आवास पर एक रात के प्रवास के लिए आमंत्रित किया था। उधर एक साथ पांच देव पालकियों के गांव में आने से ग्रामीणों में उत्साह का वातावरण बना हुआ है। ग्रामीण व आसपास के निवासी देवताओं के दर्शन करके प्रार्थना कर रहे हैं। इस दौरान पुजारी संतराम भट्ट, संतराम चौहान, रणवीर सिंह चौहान, सीताराम चौहान, अतर सिंह चौहान, भीम सिंह चौहान, टीकम सिंह चौहान, दीवान सिंह चौहान, मंदिर समिति पंजिया के अध्यक्ष जयपाल सिंह चौहान आदि मौजूद रहे।