शिफन कोर्ट से रोपवे निर्माण के लिए 2020 में हटाए गए 80 परिवारों ने शहीद स्थल पर एक दिन का उपवास रख शोक दिवस मनाया। साथ ही 28 अगस्त से अनिश्चितकालीन धरने की घोषणा की। उपवास को कांग्रेस सहित विभिन्न राजनीतिक दलों ने समर्थन दिया। शनिवार का बारिश में भी शिफन कोर्ट के लोग छाता लेकर उपवास पर बैठे रहे।
विस्थापन नहीं होने से शिफन कोर्ट के लोगों में आक्रोश है। मजदूर संघ के सचिव संंजय टम्टा ने आरोप लगाया कि वादे तो बहुत हुए लेकिन चार साल बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। कहा कि दो सितंबर को घोषणा पूरी करने की मांग को लेकर प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मिलेगा। शहर कांग्रेस अध्यक्ष अमित गुप्ता ने कहा कि चार साल बाद भी शिफन कोर्ट के लोगों को न्याय नहीं मिला है। पूर्व पालिकाध्यक्ष एवं भाजपा नेता ओपी उनियाल ने कहा कि लोगों के आवास बनाने में कुछ तकनीकी समस्या आई, उसे दूर किया जा रहा है। सरकार शिफन कोर्ट के लोगों के साथ है।
इस दौरान श्रमिक नेता आरपी बडोनी, संयोजक प्रदीप भंडारी, रजत अग्रवाल, मजदूर संघ के अध्यक्ष रणजीत चौहान, विरेन्द्र डुंगरियाल, जय प्रकाश राणा, दिनेश उनियाल, असलम खान, बिल्लू वाल्मीकि, राम कृष्ण राही, गोदमबरी देवी, गीता देवी, ममता देवी, मीरा टम्टा मौजूद रहीं।