ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
जीवन के हर पहलू में गणित का महत्वपूर्ण योगदान है। मैथमेटिकल मॉडल और कंप्यूटर के प्रयोग से कई नई तकनीकों का अविष्कार किया जा रहा है।
ये बातें इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्पेस साइंस एंड टेक्नालॉजी के डिपार्टमेंट ऑफ मैथेमैटिक्स के प्रो. राजू के जार्ज ने बृहस्पतिवार को ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय में गणित पर आधारित कार्यशाला में कहीं। इस दौरान उन्होंने छात्रों से गणित को जीवन में उतारने को कहा। टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च, बंगलूरू की प्रो. मैथली रामास्वामी ने कहा कि संचार प्रणाली और विमानों एवं राकेट उड़ाने में पारशियल डिफरेंशियल इक्वेशन का ही उपयोग किया जाता है। एक्स-रे और किडनी डायलिसिस जैसे महत्वपूर्ण अविष्कारों में भी पारशियल डिफरेंशियल इक्वेशन का बहुत बड़ा योगदान है। आईआईटी गांधीनगर के डिपार्टमेंट आफ मैथमेटिक्स के डॉ. जगमोहन त्यागी ने छात्रों को सोबोलिव स्पेस के सिद्धांत से अवगत कराया। उन्हाेंने कहा कि वास्तविक जीवन में इंजीनियरिंग की समस्याओं को समझने के लिए पारशियल डिफरेंशियल इक्वेशन का इस्तेमाल किया जाता है। कार्यशाला में ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय के गणित विभाग के डॉ. मांगेराम, डॉ. मो. तामसीर, डॉ. सत्यजीत सिंह, डॉ. मुकेश कुमार, डॉ. ऋतु चांदना समेत कई लोग मौजूद थे।