ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
सात सूत्री मांगों के समर्थन में उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच ने पांच फरवरी को मुख्यमंत्री आवास का घेराव की चेतावनी दी है। मंच के प्रदेश अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी का कहना है कि समूह ग में स्थानीय को वरीयता समाप्त करना, जाति प्रमाणपत्र की कट ऑफ डेट 1950 से 1985 करना, गैरसैंण को राजधानी, लोकायुक्त, आंदोलनकारियों को 10 फ ीसदी क्षैतिज आरक्षण समाप्त करने जैसे मुद्दों के बाबत बीते एक साल से सरकार से वार्ता की जा रही है। इसके बावजूद सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। इसीलिए सरकार को जगाने के लिए पांच फरवरी को मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा। प्रदेश महासचिव रामलाल खंडूरी के अनुसार घेराव में चिह्नीकरण समिति, उत्तराखंड संयुक्त संघर्ष समिति, कौशल्या डबराल वाहिनी, उत्तराखंड निर्माण संघर्ष मोर्चा के सदस्य शामिल होंगे। इस अवसर पर रविंद्र जुगराण, डॉ. अतुल शर्मा, ओमी उनियाल, प्रदीप कुकरेती, संगीता रावत, जेपी पांडे, प्रकाश शर्मा, सरोज रावत, राधा तिवाड़ी, शकुंतला थपलियाल आदि मौजूद रहे।