घर, दफ्तर, मॉल या किसी भी व्यावसायिक प्रतिष्ठान में डेंगू-मलेरिया फैलाने वाले मच्छर का लार्वा मिला तो संचालकों पर जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। पहली बार में जुर्माना 500 रुपये और बाद में 50 हजार रुपये तक लगाया जाएगा।
डीएम डॉ. आर राजेश कुमार ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। डीएम की ओर से वर्तमान में डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया आदि रोगों के पैदा होने की संभावना के मद्देनजर इसकी रोकथाम के लिए बृहस्पतिवार को क्यूआरटी (क्विक रिस्पांस टीम) का गठन किया गया था। जिलाधिकारी द्वारा गठित क्विक रिस्पांस टीम में नोडल अधिकारी संबंधित वार्ड के सेनेटरी निरीक्षक होंगे।
जबकि संबंधित वार्ड अथवा थाना क्षेत्र से नामित हेड कांस्टेबल, कांस्टेबल, होमगार्ड, पीआरडी, संबंधित नगर निगम के वार्ड सेनेटरी सुपरवाइजर, वार्ड में कार्यरत आशा कार्यकर्ता व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता जिनका मुख्य कार्य सोर्स रिडक्शन और जन जागरुकता का होगा को भी शामिल किया गया है। क्यूआरटी के गठन का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को डेंगू/मलेरिया/चिकनगुनिया आदि रोगों के बचाव व रोकथाम के जागरूक करना और मच्छरों के लार्वा का पता कर नष्ट करना भी शामिल है। क्यूआरटी क्षेत्र के पार्षद, ग्राम प्रधान अथवा अन्य जनप्रतिनिधियों व गणमान्य नागरिकों के निरंतर संपर्क में रहेंगे।
ये होगा जुर्माना
क्विक रिस्पांस टीम को जिन घरों, दुकानों व अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में डेंगू मच्छर और मलेरिया फैलाने वाले मच्छर के लार्वा मिलेंगे उनके विरुद्ध जुर्माना लगेगा। घरों व व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से पहली बार में लार्वा मिलने पर 500 रुपये, दोबारा उल्लंघन करने पर 2000 रुपये और उसके बाद 20 हजार रुपये जुर्माना लगेगा। शोरूम-मॉल व कार्यालयों से दो हजार, दोबारा उल्लंघन करने पर 20 हजार और उसके बाद 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगेगा। इसके लिए क्विक रिस्पांस टीम को अधिकृत किया गया है। डीएम ने सख्ती से पालन के निर्देश दिए हैं।