ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
देहरादून। उत्तराखंड वन विकास निगम अनुसूचित जाति इंप्लाइज एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने प्रबंधन पर पदोन्नति नियमों की अनदेखी का आरोप लगाया है। प्रांतीय अध्यक्ष शीशपाल की अध्यक्षता में सोमवार को हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि वन विकास निगम में सहायक लेखा प्रबंधक के 17 पद रिक्त थे। इनमें 17 पदों के सापेक्ष 35 सहायक लेखा प्रबंधकों को पदोन्नति दे दी गई। इसके बाद आरक्षित वर्ग के कर्मचारियों ने अदालत की शरण ली थी। सुनवाई के बाद अदालत ने पदोन्नति आदेश निरस्त करते हुए प्रबंधक निदेशक को अहर्ता रखने वाले कर्मचारियों को पदोन्नति और डीपीसी करा कर नए सिरे से पदोन्नति सूची जारी करने के लिए आदेशित किया था। इसके अलावा आरक्षित वर्ग के कर्मचारियों को 28 साल बाद भी पदोन्नति नहीं दी जा रही है। वक्ताओं ने पदोन्नति में निष्पक्षता नहीं बरतने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। बैठक में प्रांतीय अध्यक्ष शीशपाल, उपाध्यक्ष रामकुमार, महासचिव कृपाल सिंह, कोषाध्यक्ष भोपाल सिंह, कलीराम, आत्माराम, महेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।