श्रीनगर। शराब के ठेके के विरोध में आंदोलनकारियों ने बाजार क्षेत्र में रैली निकाली। वहीं, महिलाओं की शराब के दुकान के आगे मोर्चेबंदी जारी रही।
रविवार को ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स आर्गनाइजेशन (एआईडीएसओ) की पहल पर शराब विरोधी आंदोलनकारियों ने गणेश बाजार होते हुए गोला बाजार तक रैली निकाली। इस दौरान उन्होंने सरकार के शराब बेचने के निर्णय के खिलाफ नारेबाजी की। इससे पूर्व पौड़ी बस अड्डे के समीप पीपलचौरी में शराबबंदी आंदोलन चलाने वाले स्वामी मनमंथन की जयंती मनाई गई। वक्ताओं ने पहाड़ में शराब के खिलाफ स्वामी मनमंथन के संघर्षों को याद करते हुए कहा कि उनके आंदोलन से बौखलाए शराब कारोबारी ने उनकी हत्या कर दी। कहा कि श्रीनगर में शराब की दुकान के विरोध में आंदोलन चल रहा है, लेकिन शासन-प्रशासन इसे नजरअंदाज कर रहा है। कहा कि मातृशक्ति धूप में खड़े होकर आंदोलन पर अडिग है, लेकिन शराब के ठेके को बंद नहीं किया जा रहा है। दूसरी ओर गोर्तीथाश्रम के समीप खुली दुकान के विरोध में धरना जारी रहा। रविवार को भी महिलाओं ने मानव श्रृंखला बनाकर शराब के खरीददारों का रास्ता रोका। वहीं जिला पंचायत सदस्य राजेश्वरी जोशी ने शराब के नुकसान पर गढ़वाली भाषा में गीत सुनाते हुए लोगों से शराब न खरीदने की अपील की। इस मौके पर रेशमा, मुकेश सेमवाल, अतुल सती, पीबी डोभाल, प्रेम बल्लभ नैथानी, आशीष भट्ट, यशोदा खंडूड़ी, सूरजी देवी, प्रवीण भंडारी और पूजा भंडारी आदि मौजूद थे।