राशन कम मिलने की समस्या आज से नहीं बल्कि सालों से हैं। एक बार इसकी जांच हुई तो इस खेल का खुलासा भी हुआ था। लेकिन कुछ दिन सही रहने के बाद फिर से यही समस्या आ रही है। डीलर को सीधे इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है। क्योंकि उन्हें कार्डधारक को तोलकर राशन देना चाहिए। इसकी जांच होनी चाहिए।
- जितेंद्र गुप्ता, अध्यक्ष उत्तराखंड सस्ता गल्ला विक्रेता परिषद
घटतौली के आरोप निराधार हैं। गोदाम से राशन तोलकर डीलरों के यहां भेजा जाता है। वजन पूरे वाहन का होता है। हो सकता है कि किसी बोरे में कम हो, लेकिन किसी में ज्यादा भी होता है। ऐसे में घटतौली की बात कहना ठीक नहीं है। उन्हें अभी तक इस प्रकार की शिकायत नहीं मिली है।
- हरेंद्र रावत, सीनियर मार्केटिंग ऑफिसर खाद्य आपूर्ति विभाग