सहसपुर थाना पुलिस ने उत्तरकाशी जिले से देहरादून आ रही निजी बस में ढाई किलोग्राम चरस पकड़ी। इस दौरान बस के चालक और परिचालक को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में दोनों ने बताया कि वह लंबे समय से बस से चरस की तस्करी कर रहे हैं। दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
शुक्रवार को सहसपुर थाना पुलिस फेमिली क्वाटर गेट के पास वाहनों की जांच कर रही थी। इस दौरान विकासनगर से सहसपुर की ओर आ रही एक बस को रोका गया। पुलिसकर्मियों ने चालक-परिचालक से पूछताछ की तो वह घबरा गए। सख्ती से पूछताछ करने पर दोनों ने बताया कि बस में चरस है, जो चालक की सीट के किनारे वाली सीट के नीचे एक केबिन में रखी है। बताया कि वह उत्तरकाशी जिले के पुरोला क्षेत्र से चरस खरीद कर लाए हैं। थाना प्रभारी मुकेश त्यागी ने बताया कि केबिन में मिले बैग से 2.580 किलोग्राम चरस बरामद हुई। बस गर्ग ट्रेवल्स देहरादून की है। चालक और परिचालक की पहचान क्रमश: विकासनगर कोतवाली क्षेत्र के जीवनगढ़ निवासी नसीम और देहरादून के भंडारी बाग निवासी तालिब के रूप में हुई।
चालक-परिचालक लंबे समय से कर रहे तस्करी
पुलिसिया पूछताछ में आरोपी चालक नसीम और परिचालक तालिब ने बताया कि वह देहरादून-पुरोला-उत्तरकाशी रूट पर काफी समय से बस चला रहे हैं। वह उत्तरकाशी जिले के पुरोला क्षेत्र से चरस को सस्ते दामों में खरीदकर बस में छिपाकर देहरादून लाते है। दून में उन्हें चरस के अच्छे दाम मिलते हैं। बताया कि चरस को छिपाने के लिए उन्होंने बस की सीट के नीचे एक अलग से केबिन बनाई है। जिससे बस की चेकिंग के दौरान कोई चरस न पकड़ सके।