ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
500 शहरों की जीआईएस मैपिंग जल्द पूरी होगी। इसके जरिये शहरी प्रबंधन में कूड़े का निस्तारण, पेयजल समस्या आदि का आसानी से समाधान किया जा सकेगा। ये बातें बृहस्पतिवार को भारतीय सर्वेक्षण विभाग हाथीबड़कला के सभागार में एडिशनल टाउन प्लानर शहरी विकास मंत्रालय टी सुरेंद्र ने कहीं। वे बृहस्पतिवार को भारत-थाईलैंड भू-स्थानिक सहयोग से चल रही कार्यशाला के तीसरे दिन मौजूद लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि देश के 152 शहरों का वर्ष 2016 में पहले ही जीआईएस मैपिंग हो चुकी है। वहीं, अब 500 शहरों की जीआईएस मैपिंग का कार्य चल रहा है। इस मौके पर सर्वे ऑफ इंडिया के निदेशक श्यामवीर सिंह, डॉ. पीएस आचार्य, विष्णु चंद्रा आदि मौजूद रहे।