देहरादून में 13 साल के किशोर से दुष्कर्म के मामले में स्पेशल पोक्सो जज रमा पांडेय की अदालत ने दोषी को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। लगभग डेढ़ वर्ष पुराने इस मामले में बच्चे से दुष्कर्म में यह अधिकतम सजा बताई जा रही है। न्यायालय ने दोषी पर 10 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया, जिसे अदा न करने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
शासकीय अधिवक्ता भरत सिंह नेगी ने बताया कि विकासनगर कोतवाली में यह मुकदमा 15 अगस्त 2018 को दर्ज कराया गया था। वादी का आरोप था कि मोहित त्यागी निवासी टोंस कॉलोनी डाकपत्थर ने उनके 13 साल के बेटे से दुष्कर्म किया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की और अगले ही दिन आरोपी मोहित त्यागी को गिरफ्तार कर लिया। इस बीच पीड़ित किशोर के मजिस्ट्रेटी बयान और मेडिकल जांच भी कराई गई।
इन सभी में मोहित पर लगे आरोपों को बल मिला और पुलिस ने महज एक सप्ताह के भीतर ही चार्जशीट दाखिल कर दी। इस मुकदमे में डीएनए जांच रिपोर्ट से भी यह पुष्ट हुआ कि दुष्कर्म मोहित त्यागी ने ही किया था। अभियोजन ने पांच और बचाव पक्ष केवल एक गवाह प्रस्तुत किया।
त्यागी पर तीन और मुकदमे
पुलिस जांच में सामने आया था कि मोहित अपराधी किस्म का युवक है। उसके खिलाफ पहले से ही विकासनगर और आसपास के थानों में तीन मुकदमे दर्ज हैं। ये सभी मुकदमे इसी तरह से बच्चों से दुष्कर्म और अन्य अश्लील हरकतों से संबंधित हैं। ये मुकदमों भी मोहित त्यागी पर दोष सिद्ध करने में सहायक हुए।