किशोरी से दुष्कर्म करने के आरोपी पूर्व होमगार्ड को दोषी ठहराते हुए कोर्ट ने 20 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। स्पेशल पॉक्सो जज अर्चना सागर की कोर्ट ने दोषी पर कुल 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। दोषी को न्यायालय परिसर से हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया है।
शासकीय अधिवक्ता अल्पना थापा ने बताया कि घटना तीन नवंबर 2022 को ऋषिकेश कोतवाली में हुई थी। क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को शिकायत की थी कि उनकी बेटी घर से कुछ दूरी पर गई थी। वहां क्षेत्र के ही भंवरपाल सिंह ने उनकी 13 वर्षीय बेटी को पैसे का लालच देकर अपने घर बुलाया था। कुछ देर बाद वहां पर बड़ी बेटी आई और उसने छोटी बहन की तलाश की। उसने देखा कि छोटी बहन की चप्पल भंवरपाल के मकान के बाहर रखी हैं। उनकी बड़ी बेटी ने दरवाजा खोला तो देखा कि छोटी बेटी आपत्तिजनक हालत में थी और भंवरपाल वहां से भाग गया। पुलिस ने इस शिकायत के आधार पर भंवरपाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया और उसे गिरफ्तार कर लिया। भंवरपाल उस वक्त होमगार्ड में नौकरी करता था।
पीड़ित किशोरी के मजिस्ट्रेटी बयान दर्ज कराए गए तो उसने भंवरपाल की हर हरकत को बयां किया। उसने बताया कि वह उस दिन भंवरपाल के घर के पास नीम के पेड़ से पत्ते लेने के लिए गई थी। इस दौरान वहां भंवर पाल आया और उसे एक हजार रुपये दिए। भंवरपाल उसे अंदर ले गया और उसके साथ गलत हरकत की। उसने धमकाया था कि यदि उसने किसी को बताया तो वह उसके पिता और भाई को मार देगा। पीड़िता के अनुसार भंवरपाल उसके साथ पहले भी इस तरह की हरकत कर चुका था। एक बार उसने कुछ गोलियां भी उसे खाने के लिए दी थीं। शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि इस मामले में सात गवाह पेश किए गए। पुलिस की ओर से मुकदमे की पैरवी जसबीर सिंह नेगी ने की। इन सब के आधार पर कोर्ट ने भंवरपाल सिंह को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।