पतंजलि योगपीठ में बुकिंग के नाम पर साइबर ठगों ने व्यक्ति से 1.85 लाख रुपये ठग लिए। यह रकम उनसे कई बार में खातों में जमा कराई गई। जब और रुपयों की मांग हुई तो उन्हें समझ आ गया कि ठगी हो रही है। साइबर थाने की जांच के बाद नेहरू कॉलोनी थाने में साइबर ठगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
मामले में शिकायत राय सिंह रावत निवासी सरस्वती एनक्लेव, बद्रीपुर ने की है। पुलिस को बताया कि वह अपना इलाज पतंजलि योगपीठ में करवाना चाहते थे। इंटरनेट पर योगपीठ पतंजलि डॉट कॉम नाम की वेबसाइट पर संपर्क किया। 17 मई को उन्हें किसी आचार्य गोपाल पांडे नाम के व्यक्ति का व्हॉट्सएप पर फोन और फिर मैसेज आया। उसने खुद को पतंजलि का एडवाइजर बताया था। इलाज के लिए उसने एडवांस में 78300 रुपये जमा कराए। उन्हें बताया गया कि एक सप्ताह रुकने का इंतजाम भी कर दिया गया है।
इसके बाद 20 मई को 35 हजार, 22 मई को 32 हजार और फिर इसी दिन 40000 रुपये राय सिंह रावत से जमा कराए गए। यह रुपये कभी मेडिकल चेकअप तो कभी किसी अन्य फीस के नाम पर उनसे जमा कराए गए। इसके बाद और धन की मांग की गई। रावत ने अपने एक परिचित के माध्यम से पतंजलि में पता करवाया तो मालूम हुआ कि एडवांस में रुपये नहीं लिए जाते। एसओ नेहरू कॉलोनी लोकेंद्र बहुगुणा ने बताया कि साइबर थाने की जांच के बाद मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस जांच कर रही है।
सावधान...पतंजलि में मौके पर ही होती है बुकिंग
पतंजलि में बुकिंग के नाम पर ठगी के लिए इंटरनेट पर ठगों ने पूरा जाल बिछाया है। एड्रेस बार में पतंजलि टाइप करते ही एक के बाद एक बुकिंग के लिए नंबर दिखने लगते हैं। ये सारे नंबर साइबर ठगों के हैं। पतंजलि एडवांस बुकिंग के नाम पर पैसा नहीं लेता है। बुकिंग मौके पर जाकर ही होती है।