ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
पूज्य श्री बालयोगी सर्वदास जी महाराज की पुण्य स्मृति में मच्छी बाजार स्थित कालिका मंदिर में आयोजित सात दिवसीय श्री राम कथा का परायण रविवार को हुआ। इसके पहले कथा वाचक आचार्य पं. देवेंद्र उपाध्याय ने प्रभु श्री राम वनगमन के प्रसंग सुनाए। आचार्य ने कहा कि प्रभु श्री राम ने तीन ऋषियों से तीन मंत्र पूछे थे। इसमें ऋषि भारद्वाज से रास्ता, ऋषि वाल्मीकि से रहने का स्थान और ऋषि अगस्त से राक्षसों को मारने का मंत्र। आचार्य ने खर-दूषण वध के बाद रावण की मनोदशा का भी वर्णन किया। खर-दूषण वध के बाद रावण को विश्वास हो गया था कि राम ही साक्षात भगवान हैं। ऐसे में रावण ने राम के हाथों मरने में ही अपना कल्याण समझा। इस मौके पर मंदिर समिति से संरक्षक गगन सेठी, दयाल धवन, रमेश साहनी, उमेश मनोचा, सतीश कक्कड़, अनिरुद्ध गुप्ता, संजीव शर्मा, शशि तलवार, संजय आनंद, विजय अरोड़ा, एलडी भाटिया, महेश डोरा, आनंद मुनियाल आदि मौजूद रहे।