देहरादून। एक साल के भीतर जिले में हुए अग्निकांड में 17 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जलकर राख हुई। जबकि, अग्निशमन विभाग ने 46 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति को जलने से बचाया। पूरे साल में चार लोगों की जान इन अग्निकांड की वजह से गई। जबकि, 26 लोगों की जान बचाई जा सकी। यह जानकारी अग्निशमन सेवा सप्ताह की शुरुआत में विभाग ने दी। इस दौरान फायर स्टेशन देहरादून से जागरूकता रैली भी निकाली गई। रैली को एसपी देहात लोकजीत सिंह ने झंडी दिखाकर रवाना किया।
अग्निशमन सेवा सप्ताह का कार्यक्रम फायर स्टेशन देहरादून में शुरू हुआ। इस दौरान स्टेशन पर अग्निकांड से बचाव के उपकरणों की प्रदर्शनी भी लगाई गई थी। उपनिदेशक तकनीकी संदीप कुमार राणा ने बताया कि अग्निशमन सप्ताह के दौरान होटलों, आरा मशीनों, वेंडिंग प्वाइंट, सिनेमा हॉलों, औद्योगिक इकाइयों, स्कूलों आदि में होने वाली अग्निसुरक्षा व्यवस्था के संबंध में अवगत कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि जनपद के छह फायर स्टेशनों एवं एक फायर यूनिट पर अत्याधुनिक अग्निशमन उपकरण हैं। मोटरसाइकिल पर लगे बैंक पैक लेट से जनपद देहरादून की संकरी गलियों एवं बिजली की आग पर बिना विद्युत प्रवाह बंद किए वाटर निस्ट तकनीक से काबू पाया जा सकता है। साथ ही छोटी गलियों जहां पर फायर सर्विस का बड़ा वाहन नहीं जा सकता वहां के लिए मिनी वाटर टेंडर की मदद से अग्निशमन कार्य किया जा रहा है। बड़ी अग्नि दुर्घटनाओं के लिए वाटर बाउजर है जिसमें एक समय में 7000 लीटर तक पानी का स्टोरेज किया जा सकता है।
-
इसलिए मनाया जाता है अग्निशमन सेवा सप्ताह
एसपी देहात लोकजीत सिंह ने बताया कि आज ही के दिन वर्ष 1944 को मुंबई के बंदरगाह पर खड़े इंग्लैंड के फोर्ट स्ट्रिकेन नागक नौ हजार टन वाले जहाज में भीषण आग लग गई थी। अग्निकांड के दौरान हुए विस्फोट में अग्निशमन कार्य करते हुए 66 फायरमैन शहीद हो गए थे। उन शहीद हुए फायरमैनों और उसके उपरांत अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए दिवंगत फायर सर्विस अधिकारियों व कर्मचारियों की स्मृति में प्रतिवर्ष 14 अप्रैल को पूरे देश में अग्निशमन सेवा दिवस और 14 से 20 अप्रैल तक अग्निशमन सेवा सप्ताह मनाया जाता है।